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आईपीएल 11 का आधा सीजन करीब-करीब बीत गया है. सभी टीमें अंतिम चार में पहुंचने की होड़ में लगी हुई हैं. इस आईपीएल भी कुछ गुमनाम सितारें मिल चुके हैं. इन्हीं में कुछ मौके को भुना करियर चमका लेंगे तो कुछ फिर उसी गुमनामी का शिकार हो जायेंगे जहां से वो आये हैं. बहराल, देश के युवा खिलाड़ियों को परखने का इससे शानदार मंच नहीं हो सकता. इस बात को खुले मंच से स्वीकार करने में किसी को कोई गुरेज नहीं होनी चाहिए.
मयंक मारकंडे को ही ले लीजिये. कौन जनता था आईपीएल में मुंबई इंडियंस की तरफ से खेल रहे इस युवा फिरकी के जादूगर को. महीने पहले भी इसके पास यही हुनर था लेकिन कोई प्लेटफार्म नहीं था जहां यह खुद को साबित कर पाए. मौका मिला मयंक ने खुद को साबित किया. वैसे भी हर सीजन कोई न कोई चमकता सितारा मिल ही जाता है. हर साल एक सितारा तो ऐसा मिल ही जाता है जिसकी चमक से सबकी आंखें चौधिया जाती हैं.
चाहे हम चहल को देख ले, वाशिंगटन सुंदर को देख ले या फिर इस सीजन जलवे बिखेर रहे मयंक मारकंडे को.
इस फार्मेट को वैसे भी स्पिन गेंदबाजों ने दोनों हाथों से भुनाया है. कुलदीप यादव, सुनील नरेन, रविचंद्रन अश्विन इन गेंदबाजों ने हर सीजन बल्लेबाजों को छाक छकाया है.
भारत के पूर्व बल्लेबाज क्रिस श्रीकांत भी इस बात से पूरी तरह सहमत हैं. उन्होंने सोमवार के टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अपने कॉलम में स्पिन गेंदबाजों पर प्रकाश डाला. उन्होंने आईपीएल में टीम की सफलता में स्पिनर्स की अहम योगदान होने की बात कही. उदहारण के तौर पर श्रीकांत ने अश्विन और नरेन का नाम लिया.

उन्होंने लिखा कि आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाईट राइडर्स की सफलता के पीछे इन दोनों स्पिनर्स का ही योगदान बताया. उन्होंने कहा कि आप स्पिनर्स की भूमिका को कभी भी इस फार्मेट में नाकार नहीं सकते.

Anurag Singh

लिखने, पढ़ने, सिखने का कीड़ा. Journalist, Writer, Blogger,

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