दक्षिण अफ्रीका

पूरा विश्व इस समय कोरोना वायरस से बुरी तरह से जूझ रहा है. जिसके कारण खेल जगत भी प्रभावित है. लंबे समय से क्रिकेट नहीं खेला जा रहा है. अब क्रिकेट बोर्ड दोबारा इस खेल को शुरू करने के बारें में सोच रहे हैं. दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड भी जल्द ही क्रिकेट की वापसी करा रहा है. जहाँ उनके शीर्ष खिलाड़ी नजर आयेंगे.

दक्षिण अफ्रीका में होने वाली है जल्द क्रिकेट की वापसी

दक्षिण अफ्रीका

कोरोना वायरस के प्रभाव से दक्षिण अफ्रीका भी बहुत प्रभावित रहा है. उनका क्रिकेट बोर्ड भी इसको लेकर चर्चा कर रहा है. भारत के दौरे पर उस समय दक्षिण अफ्रीका की टीम आई हुई थी. जब कोरोना वायरस के प्रभाव के कारण क्रिकेट बंद हो रहा है. लंबे समय तक उनके देश के खिलाड़ी भारत में फंसे रहे और फिर देश लौटे.

हालाँकि अब क्रिकेट को दोबारा शुरू करने के बारें में सभी क्रिकेट बोर्ड ने अपना प्रयास करना शुरू कर दिया है. इसी को ध्यान में रखते हुए अब दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड ने अपने शीर्ष खिलाड़ियों को लेकर 3 टीम तैयार की है.  जिनके बीच एक चैरिटी सीरीज खेली जाएगी. जिसका प्रसारण भी किया जायेगा. इस सीरीज का पहला मैच 27 जून को सेंचुरियन के मैदान पर खेला जायेगा.

क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के सीईओ इस पर बोले

South Africa

इस अंदाज में खेल की वापसी को लेकर अब क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के सीईओ जाक फाउल ने बोला है की ये एक चैरिटी मैच होने वाला है. उन्होंने बताया की इसका आयोजन सरकार से अनुमति मिलने पर बिना दर्शकों के ही खेला जायेगा. हालाँकि उसके लिए क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने अलग दर्जे की तैयारी की है.क्रिकेट बोर्ड ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर शोएब मांजरा ने कहा की इस मैच के लिए बहुत कड़े प्रोटोकॉल बनाये जायेंगे. उन्होंने उसके बारें में कहा कि

” स्टेडियम बिल्कुल खाली होगा और स्टाफ में भी कम से कम लोग मौजूदा होंगे. खिलाड़ी तीन दिन पहले से जैविक सुरक्षित माहौल में रहेंगे. सेंचुरियन आने से पहले उनका टेस्ट होगा और पांच दिन बाद भी उनका टेस्ट कराया जायेगा.”

आर्थिक समस्या से उबरना चाहते हैं क्रिकेट बोर्ड

दक्षिण अफ्रीका

इतने लंबे वक्त तक क्रिकेट नहीं खेले जाने के कारण सभी क्रिकेट बोर्ड को आर्थिक नुकसान से जूझना पड़ रहा है. जिससे उन्हें और खिलाड़ियों को भी समस्या हो सकती है. क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका भी इस समय ऐसे ही दौर से गुजर रहा है. जिसके कारण ही वो इस मैच का आयोजन कर रहे हैं. जिससे उनकी थोड़ी बहुत कमाई हो सके. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को भी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है.