virat kohli and sourav ganguly

बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) की विराट कोहली के शतक को लेकर बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. भारत और श्रीलंका के बीच 4 फरवरी को दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला खेला जाएगा. जिस पर सबकी निगाहें पूर्व कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) के ऊपर होगी. क्योंकि विराट कोहली अपना 100वां मैच खेलेंगे. कोहली पिछले कुछ सालों से रन टेस्ट में रन नहीं बना पा रहे हैं. विराट कोहली के शतक को लेकर बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने बड़ी बयान दिया.

‘वे वापसी करेंगे और शतक जड़ेंगे’

Allegations against Sourav Ganguly for attending the selection meeting

भारती टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) अपनी खराब फॉर्म को लेकर आलोचकों के निशाने पर हैं. विराट कोहली ने पिछले दो सालों में टेस्ट में कोई बड़ी पारी नहीं खेली हैं. जिसकी बजह से वो विरोधियों के निशाने पर हैं. 4 फरवरी को होने वाले टेस्ट मैच में विराट कोहली वापसी कर सकते हैं. जिस पर बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने कहा कि,

 “इसके लिए कुछ एडजेस्टमेंट की आवश्यकता होती है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह बहुत मुश्किल है। वह वापस आएंगे और शतक बनाएंगे। मैं इस बारे में जानता हूं कि उन्होंने दो साल से अधिक समय से शतक नहीं बनाया है, लेकिन वह इतने अच्छे खिलाड़ी हैं कि लगातार ऐसा नहीं होने देंगे। वह इस दौर से भी आगे निकल जाएंगे। वह जानते हैं कि शतक कैसे बनाया जाता है, अन्यथा वे 70 शतक नहीं बनाते। एक पूर्व खिलाड़ी के रूप में, मुझे पता है कि वह फिर से स्कोर करना शुरू करेंगे। उसके पास बहुत बड़ी क्षमता है, इसलिए यह समय की बात है।”

गांगुली ने विराट कोहली की तारीफ 

Sourav Ganguly decision Take of Virat Kohli ODI captaincy

सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) और विराट कोहली (Virat Kohli) में अनबन की खबरें देखी गई थी. दोनों के विवाद के पहली बार देखा गया है कि बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने विराट कोहली की खुलकर तारीफ करते हुए कहा कि,

“उनकी तकनीक, उनकी सकारात्मकता, उनका फुटवर्क, उनका संतुलन, मुझे वह सब पसंद है। इन सबसे ऊपर, जिस तरह से विराट ने 2014 के बाद इंग्लैंड में अपने खेल को बदला, वो अहम था, क्योंकि वे वहां संघर्ष कर रहे थे। मैंने वह टेस्ट सीरीज इसलिए देखी, क्योंकि मैं वहां कमेंटेटर के तौर पर काम कर रहा था और उसके बाद उनके पास दमदार पांच साल थे। अमूमन ऐसा ही होता है। मैंने देखा कि 2002 से 2005 के बीच राहुल द्रविड़ के साथ। आप महान खिलाड़ियों को इन चरणों में देखते हैं जहां वे अपने चरम पर हैं। सचिन के पास कई थे। मैंने उसके साथ नहीं खेला है, लेकिन मैंने हमेशा उनके खेल को फॉलो किया है। अलग-अलग तरह से क्रिकेट की गतिविधियों और जिम्मेदारियों में शामिल होने के कारण मैंने हमेशा उनके क्रिकेट पर नजर रखी है। मैंने उनका करियर कब से शुरू हुआ और कैसे कुछ सालों के बाद एक अलग मोड़ लिया और यह अब महानता में बदल गया है, सब देखा है। जब आप इस स्तर पर खेलेंगे तो उम्मीदें हमेशा बनी रहेंगी.”