सौरव गांगुली

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने आज यानि 23 अक्टूबर को आधिकारिक तौर पर बीसीसीआई के प्रेसिडेंट का पद संभाल लिया है। गांगुली ने इस महीने की शुरुआत में अपना नामांकन दाखिल किया था और दिग्गज के खिलाफ प्रेसिडेंट पद के लिए कोई दूसरा नामांकन आया ही नहीं था। परिणामस्वरूप पूर्व कप्तान को बीसीसीआई का प्रेसिडेंट पद सौंप दिया गया।

सौरव गांगुली के अलावा इन्हें भी सौंपे गए अहम पद

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सौरव गांगुली के साथ-साथ अमित शाह के बेटे जय शाह को सिचन और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के भाई अरुण ठाकुर को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया है। आपको बता दें, नामांकन दाखिल करने से पहले की गई पैरवी के दिनों के बाद चुनावों की कोई आवश्यकता नहीं थी। आपको बता दें, सौरव गांगुली का कार्यकाल 10 महीने का है जो कि सितंबर 2020 में खत्म हो जाएगा। वह वर्तमान में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) के अध्यक्ष हैं और उन्हें अनिवार्य कूलिंग-ऑफ अवधि में जाना होगा।

2015 में जगमोहन डालमिया की मृत्यु के बाद संभाला पद

टीम इंडिया के दिग्गज सौरव गांगुली ने बतौर कप्तान टीम को विदेशी जमीन पर जाकर जीतना सिखाया। टीम के युवा खिलाड़ियों को तराशकर मैच विनिंग खिलाड़ी बनाया। बीसीसीआई प्रेसिडेंट बनने से पहले 2015 में जगमोहन डालमिया की मृत्यु के बाद गांगुली ने एसोसिएशन ऑफ बंगाल का अध्यक्ष पद संभाला था। गांगुली ने पहले ही डिसाइड कर लिया था कि पद संभालने के बाद वह किन चीजों पर काम करेंगे।

सौरव गांगुली ने बनाया यह रिकॉर्ड

अपनी आक्रामक कप्तानी से भारतीय क्रिकेट टीम को नई दिशा दिखाने वाले कप्तान सौरव गांगुली ने बीसीसीआई के प्रेसिडेंट बनते ही एक रिकॉर्ड बना लिया है। गांगुली प्रेसिडेंट पद पर बैठने वाले दूसरे भारतीय कप्तान हैं। पहले कप्तान महाराजकुमार थे, जो बीसीसीआई के प्रेसिडेंट बने थे।

उन्होंने 1936 में तीन टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की थी। इसके बाद वह 1954 में बीसीसीआई के प्रेसिडेंट बने थे। हालांकि, दिग्गज सुनील गावस्कर 2014 में अंतरिम अध्यक्ष चुने गए थे।

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