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क्रिकेट के मैदान पर भारतीय टीम को बहुत आक्रामक कप्तान कम ही मिले हैं. आज के समय में विराट कोहली ऐसा करते हुए नजर आते हैं. लेकिन इसकी शुरुआत पूर्व भारतीय टीम के दिग्गज कप्तान सौरव गांगुली ने किया  था. जो अपनी आक्रामकता के लिए पहचान बना चुके हैं.

सौरव गांगुली विपक्षी टीमों और उनके खिलाड़ियों को जवाब देना जानते हैं. कई मौकों पर उन्होंने दिखाया भी था की यदि कोई उनसे उलझेगा तो उन्हें जवाब देना आता है. जिसके कारण उनका छवि एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में बन गयी. जो विपक्षी खिलाड़ियों को उनके भाषा में जवाब देना जानता है.

आज हम आपको ऐसे ही 3 मौको के बारें में बताएँगे. जब सौरव गांगुली ने विपक्षी टीम के खिलाड़ियों को जवाब दिया. ये सभी जिसके बाद से प्रसिद्ध घटना में शामिल हो गये. आज जब भी दादा का नाम लिया जाता है. इन घटनायों को भी जरुर याद किया जाता है.

1. नेटवेस्ट ट्रॉफी जीत पर टीशर्ट लहराना

इंग्लैंड की टीम भारत दौरे 2001 में आई थी. जहाँ पर वानखेड़े स्टेडियम में उन्होंने सीरीज को ड्रा करा लिया था. जिसके बाद इंग्लैंड के आलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने पूरे स्टेडियम में अपना टीशर्ट निकाल कर घूमते हुए नजर आ रहे थे. इस घटना से सौरव बिलकुल भी खुश नहीं थे.

नेटवेस्ट ट्रॉफी 2002 में खेलने के लिए भारतीय टीम इंग्लैंड गयी थी. जहाँ पर भारत और इंग्लैंड की टीम फाइनल लॉर्ड्स के मैदान पर खेल रही थी. भारतीय टीम उस मैच में 326 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी. कैफ और युवराज सिंह ने भारत के लिए जिम्मेदारी संभाली थी.

मोहम्मद कैफ ने अंत में भारत को 2 विकेट से जीत दिला दिया. जिसके बाद लॉर्ड्स के बालकनी में ही सौरव गांगुली ने अपना टीशर्ट लहराना शुरू कर दिया था. जिसके कारण उन्हें कुछ जुर्माना देना पड़ा था. लेकिन उन्होंने फ्लिंटॉफ को जवाब भी दे दिया था.

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