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विश्वभर में क्रिकेट प्रशंसक अपने पसंदीदा क्रिकेट खिलाडि़यों, टीम आदि के बारे में लगभग पूरी जानकारी रखने की कोशिश करते हैं।

भारत में तो क्रिकेट एक ऐसा खेल है, जिसे लोग अन्‍य सभी खेलों के मुकाबले कहीं अधिक प्‍यार करते हैं। प्रशंसक टीम के खिलाड़ियों के बारे में जानने के साथ ही ड्रेसिंग रूम में होने वाली घटनाओं के बारे में भी जानना चाहते ही हैं।

सभी यह जानना चाहते हैं कि आखिर ड्रेसिंग रूम के अंदर कैसा माहौल होता होगा और कौन सा खिलाड़ी किस प्रकार का व्‍यवहार करता होगा। यहां हम आपको टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम के बारे में बताने जा रहे हैं।

10 ऐसी घटनाओं के बारे में जिक्र करेंगे जो टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम की सबसे मजाकिया और सबसे बेहतरीन घटनाओं में से एक है :

ड्रेसिंग रूम में सुधीर चौधरी ने की सचिन से मुलाकात

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पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के सबसे बड़े प्रशंसक सुधीर कुमार  के बारे में किसे नहीं मालूम होगा। सुधीर लगभग हर मैचों में अपने शरीर पर भारत का तिरंगा के रंगो को लगाकर मैदान में उपस्थित रहते हैं। सुधीर सचिन के सबसे बड़े प्रशंसक भी माने जाते हैं।

भारत के 2011 विश्व कप जीतने के बाद सुधीर  को सचिन ने खुद ड्रेसिंग रूम में बुलाकर बात की थी। इसके साथ ही सुधीर ने अपने हाथों से विश्वकप की ट्रॉफी को भी उठाया था।

सचिन तेंदुलकर ने टीम इंडिया के खिलाडि़यों को किया मोटिवेट

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साल 2003 विश्‍व-कप में टीम इंडिया ने फाइनल तक का सफर तय किया था। सौरव गांगुली की कप्‍तानी में भारत को ऑस्‍ट्रेलिया ने फाइनल मुकाबले में लंबे अंतर से पराजित करके ट्रॉफी पर कब्‍जा कर लिया था। इस हार ने खिलाडि़यों के उत्‍साह को पूरी तरह से खत्‍म करने का काम किया था। इसके बाद सचिन तेंदुलकर ने अपनी जिम्‍मेदारी निभाते हुए सभी खिलाड़ी को उत्‍साहित करने के लिए एक शानदार भाषण दिया था।

जब फारुख इंजीनियर का बन गया था मजाक

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साल 1971 में ऑस्‍ट्रेलिया के मेलबर्न मैदान में रेस्‍ट ऑफ वर्ल्‍ड का मैच होना था। इस टीम के लिए फारुख इंजीनियर और सुनील गावस्‍कर एक साथ टीम में शामिल हुए थे। मैच शुरु होने से पहले अनुभवी खिलाड़ी फारुख इंजीनियर ने सुनील गावस्‍कर को बुलाकर लंबी पारी खेलने के लिए कहा था। उन्‍होंने कहा था कि गावस्‍कर इस मैच में तुम शून्‍य के स्‍कोर पर आउट मत होना। जब मैच शुरु हुआ तो गावस्‍कर की जगह पहले ही ओवर में फारुख खुद शून्‍य के स्‍कोर पर आउट हो गए। इसके बाद ड्रेसिंग रूम में इस बात को लेकर काफी हंसी मजाक भी हुआ था।

कपिल ने दाउद से कहा- चल बाहर चल

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मुंबई बम धमाकों के गुनहगार दाऊद इब्राहीम भारत का मोस्‍ट वांटेड आतंकियों में से एक है। उससे और कपिल देव से जुड़ा एक रोचक किस्‍सा है। कुछ वर्ष पहले भारतीय टीम के पूर्व कप्‍तान दिलीप वेंगसरकर ने खुलासा किया था कि साल 1987 में दाऊद ने मैच फिक्सिंग के लिए कपिल देव से संपर्क किया था। वह ड्रेसिंग रूम में आकर कपिल से बोला था कि अगर भारतीय टीम पा‍क को पराजित कर देती है तो वह सभी को एक कार देगा। इसके बदले में कपिल ने फौरन दाऊद को हड़काते हुए कहा कि – चल बाहर चल।

सचिन तेंदुलकर राहुल द्रविड़ पर चिल्‍लाए

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साल 2004 में मुल्‍तान के स्‍टेडियम में भारत बनाम पाकिस्‍तान का मैच खेला जा रहा था। सहवाग ने तिहरा शतक जमाया था तो सचिन तेंदुलकर अपने दोहरे शतक से महज छह रन ही दूर थे। इसी दौरान जब राहुल द्रविड़ ने पारी घोषित कर दी तो सभी चौंक गए। इसके बाद ड्रेसिंग रूम में सचिन ने सभी खिलाडि़यों पर बरसने के बजाए महज द्रविड़ से इस बारे में बातचीत की और उनसे खुद को अकेला छोड़ देने के लिए कहा।

जब टीम के खिलाडि़यों ने किया सौरव गांगुली से मजाक

COLOMBO - SEPTEMBER 25: Yuvraj Singh and Sourav Ganguly of India celebrate victory after the ICC Champions Trophy semi-final match between India and South Africa held on September 25, 2002 at the R. Premadasa Stadium, in Colombo, Sri Lanka. (Photo by Clive Mason/Getty Images)
 

एक बार पूर्व कप्‍तान सौरव गांगुली पर आरोप लगा कि उन्‍होंने टीम इंडिया के खिलाडि़यों पर मीडिया में गलत बयानबाजी की है। इसके बाद वे ड्रेसिंग रूम में काफी नाखुश होते हुए कप्‍तानी से इस्‍तीफा देने के लिए चले गए। हालांकि, बात बिगड़ती देख राहुल द्रविड़ ने बताया कि यह महज एक मजाक के तहत टीम के खिलाडि़यों ने आरोप लगाया है। अप्रैल फूल का मजाक होने के कारण सभी खिलाड़ी काफी देर तक हंसते रहे। इस प्रैंक के पीछे युवराज सिंह को मास्‍टरमाइंड बताया गया था।

युवराज के साथ गांगुली ने किया मजाक

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युवराज सिंह ने साल 2000 में आइसीसी मिनी विश्‍व कप के जरिए इंटरनेशनल क्रिकेट में पदार्पण किया था। इस मैच के एक दिन पहले गांगुली युवी के पास आए और बोले की मैच में ओपन करेगा न? इसके बाद युवी को पूरी रात नींद नहीं आई और नींद की गोलियां खाकर सोना पड़ा। हालांकि, अगले दिन युवी को गांगुली ने बताया कि यह पूरा मजाक था।

जॉन राईट ने पकड़ी सहवाग की कॉलर

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पूर्व भारतीय कोच जॉन राईट ने साल 2002 के नेटवेस्ट ट्रॉफी के दौरान ऐसा कुछ कर दिया जिससे सभी हक्के बक्के रह गए। दरअसल जॉन राईट वीरेंद्र सहवाग के ख़राब शॉट खेलकर आउट होने से परेशान हो गए थे। एक बार जैसे ही सहवाग फिरसे ख़राब शॉट खेलकर आउट हुए तुरंत ड्रेसिंग रूम के अन्दर जॉन राईट ने सहवाग की कॉलर पकड़ ली। हालांकि यह केवल मजाक तक ही सीमित रह गया क्योंकि इसको सहवाग ने हँसते हुए टाल दिया था।

जब विराट कोहली का पहले ही दिन बना था मजाक

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टेस्ट कप्तान विराट कोहली भारत के मौजूदा वक़्त में सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से हैं. सभी यह उम्मीद लगाये हैं कि विराट ही अगले वनडे के कप्तान भी होंगे. लेकिन जब विराट कोहली ने पहला मैच खेलने के लिए ड्रेसिंग रूम बाकी खिलाड़ियों  के साथ साझा किया था तो उनके साथ एक मजाक किया गया. बाकी खिलाड़ियों ने विराट से कहा था कि जब कोई नया खिलाड़ी आता है तो उसे सचिन तेंदुलकर के पैर छूकर आशीर्वाद लेना होता है. यह सुनकर विराट कोहली चौंक गए लेकिन पैर छूने के लिए तैयार भी हो गए. जैसे ही विराट सचिन के पास पैर छूने गए, सभी साथी खिलाड़ी उनपर हंसने लगे. फिर विराट को यह आभास हुआ कि साथी खिलाड़ियों ने उनके साथ मजाक किया था.

युवराज सिंह पर गुस्सा हुए धोनी

Indian cricketer Mahindra Singh Dhoni (R) rides the motorcycle awarded as a prize to teammate and man of the match Yuvraj Singh (L) who rides pillion during the second One Day international (ODI) match between England and India in Indore on November 17, 2008. Hosts India defeated England by 54 runs to take a 2-0 lead in the seven-match one-day series. AFP PHOTO/RAVEENDRAN (Photo credit should read RAVEENDRAN/AFP/Getty Images)

इंटरनेशनल मैच में जब धोनी ने पर्दापण किया था, उन दिनों सीनियर खिला‍ड़ी उनका काफी मजाक उड़ाते थे। वे धोनी से कहते थे कि चौकों छक्‍कों से अधिक मैच जीताने के बारे में सोचा करें। जिस  समय धोनी भारतीय टीम में आये युवराज सिंह उस समय तक भारतीय टीम के मध्यमक्रम के महत्वपूर्ण बल्लेबाज बन चुके थे और टीम में उनकी एक अलग पहचान थी युवराज हमेशा धोनी को बिहारी-बिहारी कहकर मजाक उड़ाया करते थे, जो धोनी को पसंद नहीं था.

एक बार युवराज सिंह को धोनी ने कह दिया था कि यह सब तो ठीक है लेकिन यह बताइए कि आप हमेशा इतना गुस्‍से में क्‍यों रहते हैं। हालांकि, इसके बाद दोनों के बीच अच्‍छी दोस्‍ती भी हो गई थी। लेकिन अक्सर युवराज के प्रसंशक धोनी पर यह इल्जाम लगाते आये है, कि धोनी की वजह से भारतीय टीम में युवराज सिंह को नहीं मिल रही है जगह.

हालाँकि प्रसंशको की यह धारणा बस एक भ्रम है, जिसमे किसी प्रकार की कोई सच्चाई नहीं है, वहीं कुछ लोगों का मानना है, कि धोनी अपने शुरुआती दिनों में युवराज से काफी परेशान थे, क्यूंकि अक्सर युवराज से उनकी नहीं बनती थी जिसका बदला अब वो कप्तान बन के चूका रहे है।

NISHANT

खेल पत्रकार

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