mandhana jhulan

भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर है, जहां दोनों टीमों के बीच तीन टी20, तीन एकदिवसीय और एक टेस्ट मैच खेले जाने हैं। सीरीज का दूसरा एकदिवसीय मैच खेला गया। जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम गेंद पर पांच विकेट से जीत दर्ज कर ली।

अब दोनों के बीच सीरीज का अंतिम मुकाबला 26 सितम्बर को खेला जाएगा। वैसे इस मैच का नतीजा बहुत ही रोमांचक रहा, जब ऑस्ट्रेलिया के अंतिम ओवर में दो नो बॉल चली गईं। अब इसी नो बॉल पर काफी ज्यादा विवाद हो गया। अब इस मुद्दे पर सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) ने बोलकर विवाद को कम कर दिया है।

ऑस्ट्रेलियाई पारी के अंतिम ओवर में हुए दो नो बॉल

jhulan goswami

मैके में खेले गए भारत और ऑस्ट्रेलिया के दूसरे वनडे मैच में अंतिम गेंद पर जीत दर्ज करने के बाद विवाद बढ़ गया। दरअसल इस आखिरी ओवर में दिग्गज तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी ने दो नो बॉल दे दीं। इस नो बॉल को कई रिप्ले देखने के बाद ही नो घोषित किया गया। दरअसल यह गेंद एक हाई नो-बॉल थी, जो कमर के ऊपर तक थी। जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया को आखिरी गेंद पर सिर्फ दो रनों की जरूरत थी और बल्लेबाज कैरी और बेथ मूनी ने अपनी टीम के लिए यह कामयाबी हासिल की।

हाल में टीम की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) ने कहा, “हमने अभी तक एक टीम के रूप में गेंद को वास्तव में नहीं देखा है। हम मैदान पर बाहर थे, इसलिए यह तय करना बहुत मुश्किल है कि यह नो बॉल थी या नहीं। हमारे लिए कुछ कह पाना जल्दबाजी होगी। हमें गेंद को देखना होगा और हम इसे देखेंगे। जब ये चीजें आपके पक्ष में जाती हैं, तो आप वास्तव में खुश होते हैं लेकिन विवाद में नहीं पड़ेंगे।”

 Smriti Mandhana ने खेली लाजवाब पारी

smriti jhulan

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में भारतीय सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) ने 94 गेंदों में 11 चौकों की मदद से 86 रन की पारी खेली। इस शानदार पारी के दम पर वो अपने फॉर्म में वापसी भी कर चुकी हैं। वह अपनी टीम के लिए रन बनाकर खुश थीं। हालांकि फिर भी टीम को हर का सामना करना पड़ा।

Smriti Mandhana का कहना है कि उन्हें अपनी पारी को और बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए थी, जिससे टीम का स्कोर और बढ़ाया जा सकता था। उन्होंने और आगे कहा,

“मैंने सोचा कि मुझे कहां सुधार करने की जरूरत है, सहयोगी स्टाफ और हर कोई मेरे पीछे था। मुझे रन बनाकर बहुत खुशी हुई, खासकर पहली पारी में। हालांकि 86 रन बनाकर आउट होने से दुख हुआ। अगर मैं और भी रन बना पाती तो और अच्छा होता।”