Shoaib Akhtar and Jasprit Bumrah

भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के गेंदबाजी एक्शन पर तो कई बार सवाल उठा है लेकिन, अब तो उनकी फॉर्म पर भी काफी सवाल उठ रहे हैं। आपको बता दें कि उनकी फॉर्म को लेकर सभी भारतीय चिंतित हैं। पिछले कुछ मैचों से वो विकेट नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे में कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना ​​​​है कि भारत के इस तेज गेंदबाज को अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को लंबा करने के लिए कुछ नया करने की जरूरत है। वैसे बता दें कि बुमराह अब 5 साल से अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन 2019 के अंत में पीठ की चोट के बाद से उनकी फॉर्म में थोड़ी गिरावट देखी गई है।

Shoaib Akhtar ने दी तेज गेंदबाज के बारे में सलाह

शोएब अख्तर

आपको बता दें कि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को जब पीठ में चोट लगी थी तब उन्होंने अपनी पीठ की सर्जरी से परहेज किया। लेकिन, इसके बाद वो विकेट नहीं ले सके और उनकी इकॉनमी दर में भी तेजी से गिरावट आई है। बुमराह भारत के सबसे महत्वपूर्ण गेंदबाजों में से एक हैं और विश्वकप में वो टीम के सबसे उपयोगी साबित हो सकते हैं।

ऐसे में पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (shoaib akhtar) ने भारत के तेज गेंदबाज और टीम प्रबंधन के लिए एक सलाह दी है, और उनका मानना ​​​​है कि अगर उन्हें यह सुनिश्चित करना है कि बुमराह का करियर लंबा हो सके तो बहुत ही समझदारी से उनका उपयोग करना होगा।

तेज गेंदबाज का एक्शन पीठ पर ही निर्भर होता है : शोएब अख्तर

shoaib akhtar

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज  shoaib akhtar ने स्पोर्ट्स तक से कहा है कि,

“एक तेज गेंदबाज का जो एक्शन होता है वो पूरी तरह से पीठ पर निर्भर होता है। कुछ ऐसा ही जसप्रीत बुमराह के साथ भी है। उनकी गेंदबाजी फ्रंटल एक्शन पर आधारित है। उस एक्शन वाले खिलाड़ी अपनी पीठ और कंधे की गति के साथ ही प्रभावी सिद्ध हो सकते हैं। मैंने देखा कि इयान बिशप की पीठ में भी दर्द है और शेन बॉन्ड की पीठ भी बाहर निकल रही है। बुमराह को अब इस तरह से सोचने की जरूरत है।”

अख्तर का कहना है कि,

“मैंने भी एक मैच खेला फिर एक छुट्टी ली और पुनर्वसन के लिए चला गया। इसके बाद बुमराह को भी जरूरत है अच्छे से चीजों के प्रबंधन करने के लिए। यदि आप उसे हर मैच खिलाते हैं, तो एक वर्ष में ही वह पूरी तरह से टूट जाएगा। उसे पांच में से तीन मैच खेलें और फिर बाहर निकालें। बुमराह को इस तरह से ढालें कि हमेशा ही उसे उपयोग में लाया जा सके। “