Sharad Pawar

Sharad Pawar: साल 2001 से 2013 तक  मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के प्रेसीडेंट रह चुके Sharad Pawar के सम्मान में  मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने उनके नाम पर म्यूजियम  बनाने का फैसला लिया है। पवार ने 2005 से 2008 तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड बीसीसीआई के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। शरद पवार का नाम म्यूजियम के लिए तय किए जाने का स्वागत किया गया है। मुंबई के इस स्टेडियम में यह म्यूजियम बन रहा है। आइए आपको बताते हैं कि कौन-सा है वो स्टेडियम है जिसमें बन रहा शरद पवार के नाम क्या म्यूजियम।

Sharad Pawar के नाम पर बन रहा है म्यूजियम

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Sharad Pawar महाराष्ट्र के अनुभवी नेता हैं। 2001 से 2013 तक शरद पवार ने मुंबई की भागदौड़ संभाली थी। पवार बीसीसीआई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन का म्यूजियम अब देश और के सबसे अनुभवी नेता और एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के नाम से जाना जाएगा। यह म्यूजियम मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा वानखेड़े स्टेडियम में तैयार कराया जा रहा है। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा तैयार हो रहे इस म्यूजियम को शरद पवार का नाम दिए जाने का फैसला किया गया है। यह फैसला शुक्रवार को मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के शीर्ष परिषद के बीच हुई बैठक में लिया गया।

वानखेड़े स्टेडियम में तैयार हो रहे इस म्यूजियम को शरद पवार का नाम देने का प्रस्ताव मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन अध्यक्ष विजय पाटील ने रखा। शीर्ष परिषद के सदस्यों ने इस प्रस्ताव का एकमत से समर्थन किया। इसके बाद इस म्यूजियम को शरद पवार का नाम देने की घोषणा की गई। शरद पवार ने मुंबई क्रिकेट की प्रतिष्ठा ना सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाई। क्रिकेट जगत को शरद पवार का योगदान अहम है।  इन्हीं योगदान को ध्यान में रख कर म्यूजियम को उनका नाम दिया गया है।

 बीसीसीआई के माध्यम से पेंशन योजना भी करवाई शुरू

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साल 2001 में Sharad Pawar को मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट चुना गया था। इसके बाद वह साल 2001 तक मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट चुने गए थे। अपने इस कार्यकाल में शरद पवार ने क्रिकेटरों और अंपायरों के लिए बीसीसीआई के माध्यम से पेंशन योजना शुरू करवाई। साथ ही शरद ने जरूरतमंद खिलाड़ियों के लिए स्कॉलरशिप का प्रबंध किया।

एसोसिएशन के विकास के लिए शरद पवार के योगदान को देखते हुए मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने अपने नियमों में फेरबदल करके शरद पवार को अध्यक्ष के तौर पर 8 साल से अधिक समय तक कायम रखा। उनकी ही अध्यक्षता में मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने साल 2011 में ICC CWC-2011 से पहले वानखेड़े स्टेडियम के पुनर्विकास का काम अपने हाथों में लिया।  इसके बाद 2013 में वे फिर एक बार मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए।