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भारतीय टेस्ट विकेटकीपर रिद्धिमान साहा के करियर को तेजी तब मिली जब पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया. धोनी के संन्यास लेने के बाद वह साहा ही थे, जो निरंतर टीम इंडिया के साथ बने रहे और शानदार प्रदर्शन भी किया.

बीते दिन रिद्धिमान साहा ने अपने एक बयान में एमएस धोनी की जमकर तारीफ की. साथ ही ने बात को भी स्वीकार की उन्हें पता था कि जब तक धोनी टीम में है तब तक उनको अंतिम ग्यारह में मौका नहीं मिलेंगा.

शेयर की डेब्यू की स्टोरी

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रिद्धिमाना साहा साल 2014 से लगातार टीम के साथ जुड़े हुए है. रिद्धिमान साहा का टेस्ट डेब्यू साल 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुआ था. रविवार को स्पोर्ट्स तक को दिए अपने एक इंटरव्यू में साहा ने कहा,

“मैंने उस टेस्ट मैच में डेब्यू किया था, जब वीवीएस लक्ष्मण फिंगर इंजरी के कारण नहीं खेल रहे थे. रोहित शर्मा को उनकी जगह (नागपुर टेस्ट मैच बनाम दक्षिण अफ्रीका) बुलाया गया था, क्योंकि उन्होंने बोर्ड प्रेसिडेंट मैच में अच्छा शतक लगाया था. मैच के दिन रोहित शर्मा प्रैक्टिस के दौरान मुझसे टकरा गए. हम दोनों को एंकल इंजरी हुई, लेकिन उनको ज्यादा हो गई थी.”

टॉस के समय पता चला हो रहा है डेब्यू

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37 टेस्ट मैचों में तीन शतक लगा चुके साहा ने कहा, ”धोनी जब टॉस के लिए जा रहे थे तो मैं एस बद्रीनाथ को थ्रो डाउन कर रहा था. जहां से होकर धोनी जा रहे थे तो उसी रास्ते में मैं था तो उन्होंने कहा था कि साहा तू खेल रहा है. उसी मैच में मैंने उनसे पूछा था कि कीपिंग कौन करेगा तो उन्होंने कहा था कि निश्चित रूप से मैं कीपिंग करूंगा तो अच्छे फील्डर हो इसलिए फील्डिंग करोगे.”

साहा ने आगे बात करते हुए कहा, “गैरी कर्स्टन ने मुझसे कहा था कि धोनी टीम में हैं, इसलिए तुम नहीं खेलोगे. उन्होंने मुझे अपनी प्रैक्टिस करने को कहा. यही कारण है कि मैंने नेट गेंदबाजों की भूमिका निभाई और फिर सीधे डेल स्टेन और मोर्ने मोर्कल को खेला. एमएस धोनी ने अपना मानक तय किया था और मैंने आज तक उनसे सीखा है.”

धोनी की हुई तारीफ

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महेंद्र सिंह धोनी के साथ एक टेस्ट मैच खेलने वाले रिद्धिमान साहा ने अपनी बात को आगे जारी रखते हुए कहा,

“उनकी विकेटकीपिंग की शैली या बल्लेबाजी की शैली, पल भर में उनकी स्टंपिंग, उनसे सीखने के लिए बहुत सारी चीजें हैं. वह मुझसे 2-4 साल बड़े थे, मुझे पता था कि अगर एमएस धोनी खेल रहे हैं तो मुझे खेलने के लिए नहीं मिलेगा. किसी को भी बाहर बैठना पसंद नहीं है, लेकिन टीम में एमएस के पास कोई विकल्प नहीं बचा है. इसलिए, मैंने जब भी मौका दिया उससे अधिकतम सीखा और प्रदर्शन किया.

मैं एमएस धोनी को रिप्लेस नहीं कर सकता था।.मुझे उस समय मौका मिला, जब धोनी टेस्ट क्रिकेट छोड़ चुके थे।”

AKHIL GUPTA

क्रिकेट...क्रिकेट...क्रिकेट...इस नाम के अलावा मुझे और कुछ पता नहीं हैं. बस क्रिकेट...