सचिन तेंदुलकर

किसान आंदोलन अब तूल पकड़ चुका, जिस पर बाहरी देशों के स्टार्स भी अपनी राय दे रहे हैं. सचिन तेंदुलकर से लेकर अब प्रज्ञान ओझा जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी ऐसे लोगों जवाब दे रहे हैं, जो बाहरी देशों से इस आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया देने में लगे हैं. इस समय देशभर में कृषि बिल के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल जारी है, जिसेस लेकर अभी तक सरकार और किसान के बीच कोई समझौता नहीं हो सका है.

किसान आंदोलन पर क्रिकेट जगत से उठ रही आवाजें

सचिन तेंदुलकर

किसान आंदोलन के खिलाफ जहां पिछले दो महीने से लगातार संगठन धरने पर बैठे हैं तो वहीं अब तक पंजाब दिलजीत दोसांझ जैसे कई बड़े सिंगर्स आंदोलन को अपना समर्थन जता चुके हैं. लेकिन इस बीच मंगलवार को पॉप स्टार रिहाना की इस पर आई प्रतिक्रिया ने जैसे भूचाल मचा दिया.

सोशल मीडिया के जरिए किसान आंदोलन पर ट्वीट करने के बाद रिहाना लगातार ट्रोलर्स के निशाने पर आ गई हैं. इसके साथ ही देश की कई महान हस्तियां भी उन्हें इशारों में जवाब देने की कोशिश करने में लगी हैं. इस बीच क्रिकेट जगत से अब सचिन तेंदुलकर ने भी इस पर ट्वीट कर मिया खलीफा और रिहाना को करारा जवाब दिया है.

सचिन तेंदुलकर ने अब रिहाना और मिया खलीफा को दिया करारा जवाब

सचिन तेंदुलकर-किसान आंदोलन

सचिन तेंदुलकर का ये ट्वीट उस वक्त आया है, जब रिहाना और मिया खलीफा की ओर से आंदोलन को लेकर बयान दिया गया है. उन्होंने अपने ट्वीट में साफ लिखा है कि, भारत की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता है. बाहरी ताकतें दर्शक हो सकती हैं, लेकिन प्रतिभागी नहीं. भारतीय भारत को जानते हैं, और इस पर अगर वो फैसला लेंगे, तो बेहतर होगा. आइए एक राष्ट्र के रूप में एकजुट रहें.

सचिन तेंदुलकर से पहले रिहाना के ट्वीट पर प्रज्ञान ओझा ने भी बयान दिया था. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि, यह भारत का आंतरिक मामला है, और हमें पता है कि हमारे किसान देश के लिए क्या मायने रखते हैं और कितने ज्यादा जरूरी हैं. मुझे उम्मीद है कि, जल्द ही इस मसले को लेकर कोई हल निकल जाएगा. हमें किसी बाहरी शख्स की जरूरत नहीं है, जो हमारे आंतरिक मामले में हस्तक्षेप करे.

सुरेश रैना ने भी बाहरी ताकतों का जताया विरोध

सचिन तेंदुलकर

सचिन तेंदुलकर और प्रज्ञान ओझा के बाद सुरेश रैना ने भी इस आंदोलन पर आ रही बाहरी देशों के लोगों की प्रतिक्रिया पर नाराजगी जताई है. उन्होंने भी इसके लिए बकायदा एक ट्वीट भी किया है. उन्होंने अपने हालिया ट्वीट में लिखा है कि,

हम एक देश के रूप में आज के मसलों को हल करने के लिए और कल ऐसा होता है तो उसे सुलझाने के लिए तैयार हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम एक विभाजन बनाते हैं, या बाहरी ताकतों से परेशान होते हैं. सब कुछ सौहार्दपूर्ण और निष्पक्ष बातचीत के जरिए हल किया जा सकता है.