Rishabh Pant

युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) को भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का उत्तराधिकारी माना जाता रहा है। कई दिग्गजों का मानना है कि इससे युवा खिलाड़ी पर दबाव बनता है। अब पंत के बचपन के कोच तारक सिन्हा ने धोनी से पंत की तुलना करने वालों पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह पंत की तुलना माही के साथ होती रही, तो वह फिर से अपना फॉर्म खो सकते हैं।

Rishabh Pant फिर से खो सकते हैं फॉर्म

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युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज Rishabh Pant की तुलना हमेशा से ही महेंद्र सिंह धोनी के साथ की जाती है। आज पंत अपने करियर की ऊंचाईयों को छू रहे हैं और पिछले 6 महीने में उन्होंने कमाल का फॉर्म दिखाया है। मगर उनके बचपन के कोच तारक सिन्हा का कहना है कि यदि अभी भी पंत की तुलना माही के साथ होती है, तो वह फिर अपना फॉर्म खो सकते हैं। न्यूज 18 क्रिकेट नेक्सट से बात करते हुए तारक ने कहा,

”धोनी ने 2019 विश्व कप के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया था। तब पंत को उनकी जगह लेने की उम्मीद थी। दुर्भाग्य से धोनी के साथ तुलना होना पंत के प्रदर्शन पर असर डाल गया और उन्हें क्रिकेट के तीनों प्रारूपों से बाहर का रास्ता दिखाया गया। अगर उनकी तुलना अभी भी की जाती है तो वही तस्वीर फिर से हो सकती है।”

रोहन गावस्कर भी हुए थे तुलना के शिकार

भारतीय दिग्गज सुनील गावस्कर के बेटे रोहन गावस्कर क्रिकेट में कुछ खास उपलब्धियां हासिल नहीं कर सके। पंत के कोच तारक का मानना है कि उन्हें भी तुलना का शिकार होना पड़ा था, क्योंकि वह दिग्गज सुनील गावस्कर के बेटे थे। उन्होंने कहा,

“रोहन गावस्कर बुरे खिलाड़ी नहीं थे। लेकिन उन्हें हमेशा याद दिलाया जाता था कि वह अपने पिता सुनील गावस्कर के करीब भी नहीं हैं। कुछ ऐसा ही पंत के साथ भी हो रहा है। बहुत कम खिलाड़ी होते हैं जो इस तरह की तुलनाओं को सहने की ताकत रखते हैं। फिर भी मैं कहता रहता हूं कि पंत की इच्छाशक्ति ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। इसलिए वह फिर से अपने खेल पर ध्यान दे रहा है।”

धोनी की तरह दें Rishabh Pant को वक्त

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Rishabh Pant एक बहुत ही प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी हैं। उनके भीतर किसी भी चीज को जल्दी सीखने की क्षमता है। कोच का मानना है कि जिस तरह धोनी को वक्त दिया गया था, उसी तरह पंत को भी वक्त दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा,

“धोनी की तरह पंत को भी अपना आधार मजबूत करने का मौका दिया जाना चाहिए। पंत गेम चेंजर और तेज सीखने वाले हैं। लेकिन उनकी तुलना धोनी से बार-बार क्यों की जाती है? हम सभी को यह स्वीकार करना होगा कि धोनी को भी खुद को साबित करने में थोड़ा वक्त लगा। इसलिए पंत के मामले में भी सभी को धैर्य रखने की जरूरत है। उसका भी समय आएगा। उन्होंने अभी अपना करियर शुरू किया है।”