भारत के महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़, पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग और इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज क्लेयर टेलर आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है। द्रविड़ रविवार को (1 जुलाई) बिशन सिंह बेदी, कपिल देव, सुनील गावस्कर और अनिल कुंबले के बाद यह सम्मान पाने वाले पांचवें भारतीय बने।

राहुल द्रविड़ का करियर

164 टेस्ट मैचों में 13,288 रनों के साथ, द्रविड़ पांच दिवसीय प्रारूप में सबसे ज्यादा रन-गेटर्स की सूची में चौथे स्थान पर हैं जबकि वह वन-डे में 344 मैच खेल चुके है जिसमे उन्होंने 10,889 रन बनाए है। एक दिवसीय मैचों में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों खिलाड़ियों की लिस्ट में नौवें स्थान पर हैं। द्रविड़ 2004 में आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर भी थे, साथ ही उसी साल सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेट खिलाड़ी भी बने।

राहुल द्रविड़ ने फरवरी 1991 में कर्नाटक के लिए खेलते हुए पहली पारी में पहली पारी में 82 रन बनाकर अपनी पहली शुरुआत की। 1 991-9 2 के प्रथम श्रेणी के सत्र के दौरान, उन्होंने 48।22 के औसत से 434 रनों बनाए।

द्रविड़ ने अप्रैल 1996 में सिंगापुर में श्रीलंका के खिलाफ अपना पहला ओडीआई मैच खेला। उन्होंने उस वर्ष अपना पहला टेस्ट इंग्लैंड बनाम लॉर्ड्स में खेला। तीन मैचों की टेस्ट सीरिज में उन्होंने 95 और 84 के स्कोर के साथ अपनी इंटरनेशनल क्रिकेट में मौजूदगी दर्ज कराई।

द्रविड़ ने अपनी सबसे अच्छी पारी ईडन गार्डन्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 टेस्ट सीरीज़ में खेली। उन्होंने 2002 में लीड्स टेस्ट में 2003 में एडीलेड, 2004 में रावलपिंडी, 2006 में जमैका और 2011 में द ओवल में कई यादगार पारियां खेली। द्रविड़ ने 2006 में वेस्टइंडीज में 2007 और इंग्लैंड में टेस्ट में भारत की कप्तानी भी संभाली। वह मार्च 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

एक इंटरव्यू के दौरान द्रविड़ ने कहा- “हॉल ऑफ फेम में शामिल होना उनके बहुत बड़े सम्मान की बात है। मैं इस सम्मान को देने के लिए आईसीसी का आभारी हूं। मैं ऐसे कई लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ, जिन्होंने मेरे लिए इस खेल में करियर और मेरे सपनों को पूरा करने के लिए मेरी सहायता की।“

इंग्लैंड में भारत ए टीम के कोच के रूप में द्रविड़ इस समय कार्य कर रहे हैं। व्यक्तिगत रूप से वहां नहीं थे जब हॉल ऑफ फेम में शामिल होने की घोषणा जब आईसीसी ने की तो द्रविड़ वहां शामिल नहीं हो पाए। लेकिन उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये कहा कि “मैं भारत ए टीम के लिए कोचिंग कर रहा हूँ और सीरिज जारी है इसलिए मेरी प्रतिबद्धताओं के कारण इस सम्मान को प्राप्त करने के लिए मौजूद नहीं हूं। लेकिन एक बार फिर, मैं वास्तव में आभारी हूं।”

पोंटिंग को भी मिला सम्मान

2012-13 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ के अंत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायर हुए पोंटिंग ने सबसे लम्बे फॉर्मेट में 41 शतकों के साथ 13,378 रन बनाएं। उन्होंने ओडीआई में 13,704 रन और 30 शतक भी शामिल हैं।

हॉल ऑफ फेम में शामिल किये जाने पर उन्होंने कहा कि “मैं आईसीसी द्वारा सम्मानित किये जाने से काफी गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ।  एक खिलाड़ी के रूप में मेरी यात्रा शानदार रही। साथ मेरे साथी खिलाड़ियों से भी काफी सपोर्ट मिला।”

उन्होंने कहा कि “यह मेरे टीम के साथी, कोच और सहायक स्टाफ सहित कई लोगों की मदद के बिना संभव नहीं था, जिन्होंने मेरे खेल करियर में अभिन्न अंग के रूप में खेला। मैं विशेष रूप से अपने परिवार को उनके निरंतर समर्थन और दिशा के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। यह उनके लिए उतना ही है जितना मेरे लिए है।”

 

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