रवि शास्त्री-अजिंक्य रहाणे

भारत-आस्ट्रेलिया के बीच खेली गई 4 टेस्ट मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी को भारतीय टीम ने अपने नाम कर लिया है. इस सीरीज पर जीत दर्ज करने में सबसे बड़ा योगदान गेंदबाजों के साथ ही बल्लेबाजों का भी रहा. इस सीरीज में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय क्रिकेट टीम की कमान संभाल रहे कार्यवाहक कप्तान अजिंक्य रहाणे की चारो तरफ तारीफ हो रही है. लेकिन सीरीज पर मिली जीत के बाद भी कोच रवि शास्त्री ने अजिंक्य रहाणे को श्रेय देने का बजाय विराट कोहली को दिया है.

भारत ने बॉर्डर गावस्कर सीरीज पर हासिल की शानदार जीत

भारतीय टीम-रवि शास्त्री

ऑस्ट्रेलिआई दौरे पर पहुंची भारतीय टीम के बल्लेबाजों और गेंदबाजों की परफॉर्मेंस को लेकर बात करें तो, भारत के खिलाड़ियों ने इस सीरीज को जीतने के लिए अपना पूरा दमखम झोक दिया, वो चाहे बल्लेबाज हों या फिर गेंदबाज हों, जिसके दम पर भारतीय टीम ने जीत दर्ज की. इस सीरीज में कप्तानी की भूमिका निभा रहे अजिंक्य रहाणे ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया.

विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम एडिलेड टेस्ट बुरी तरह से हार गई थी. इसके बाद अजिंक्य रहाणे ने टीम की कमान संभालते हुए मेलबर्न टेस्ट में 112 रन की शतकीय पारी खेली, और 8 विकेट से मुकाबला जीता था. सिडनी टेस्ट ड्रॉ करवाया. जबकि ब्रिस्बेन टेस्ट जीतने के बाद भारतीय टीम ने सीरीज हासिल की. लेकिन रवि शास्त्री अजिंक्य रहाणे को सीरीज के जीत का श्रेय देने के काबिल नहीं समझते, इसका अंदाजा आप उनके बयान से लगा सकते हैं.

रवि शास्त्री ने अजिंक्य रहाणे को नहीं, कोहली को दी जीत की शाबाशी

रवि शास्त्री-अजिंक्य रहाणे

ब्रिस्बेन टेस्ट मैच में जीत दर्ज करने के बाद, सोनी टीवी से रवि शास्त्री का आमना-सामना हुआ. इस दौरान कई सवाल-जवाब हुए. लेकिन एक सवाल के जवाब में रवि शास्त्री ने ऐसा बयान दिया जिसे सुनने के बाद शायद आप भी दंग रह जाएं. क्योंकि रवि शास्त्री ने सीरीज जीतने की शाबाशी विराट कोहली को भी दी. रवि शास्त्री ने बातचीत में कहा कि,

“विराट कोहली भले फिलहाल टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वह फिर भी हमारे साथ हैं, क्योंकि यह भारतीय टेस्ट टीम पिछले 5 से 6 साल में बनकर तैयार हुई है. विराट का जो कैरेक्टर है, वह इस टीम में दिखता है.”

रवि शास्त्री का बयान सुनकर आप भी रह जाएंगे हैरान

रवि शास्त्री-अजिंक्य रहाणे

रवि शास्त्री का भले ही यह कहना है कि, भारतीय टीम 5 से 6 साल में बनकर तैयार हुई है, लेकिन आप उनके बयान के आधार पर देखें तो वाकई उनकी ऐसी बातें असमंजस में डाल देती हैं. क्योंकि जिन खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक जीत में भूमिका रही है, उनमें से कई ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जो टीम से बाहर थे, यहां तक कि कईयों का  डेब्यू भी कोहली की गैर मौजूदगी में हुआ.

इस लिस्ट में उदाहरण के तौर पर आप टी नटराजन, नवदीप सैनी, शार्दुल ठाकुर, शुभमन गिल और सुंदर जैसे खिलाड़ियों का नाम शामिल था. जिन्हें रहाणे की कप्तानी में भारतीय टीम से जोड़ा गया.