Rashid khan-afghanistan

क्रिकेट जगत में हिस्सा लेने वाले राशिद खान (rashid khan) जैसे अफगानिस्तानी क्रिकेटरों के लिए कई तरह की समस्या खड़ी हो गई है. मौजूदा दौर में यहां के हालात बेहद खराब हैं. एक तरफ तालिबान और सरकारी सैन्य बलों के बीच बुरी तरह से युद्ध जारी है. तो वहीं दूसरी ओर तालिबान ने देश के बाहरी हिस्सों पर कब्जा जमा लिया है. साथ ही यहां के अब प्रातों की राजधानियों की ओर तेजी से चढ़ाई कर रहा है. हालात इतने बुरे हो चुके हैं कि तालिबान ने अफगानिस्तान के 80 फीसदी हिस्सों पर या तो कब्जा कर लिया है या इसके लिए जंग कर रहा है.

अफगानिस्तानी क्रिकेटर ने ट्वीट कर बयां किया अपना दर्द

Rashid khan

दरअसल जब से अमेरिकी ने अपनी सेना को वापस बुलाया है, यहां के हालात और भी ज्यादा नाजुक हो गए हैं. अब अफगानिस्तान के क्रिकेटर राशिद खान (Rashid Khan) ने दुनिया के नेताओं से अपने देश के लोगों के लिए भावुक अपील की है. महज 22 साल के इस युवा स्टार स्पिनर ने अपने ट्विटर अकाउंट से दिल को छू लेने वाला पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि,

‘दुनिया के नेताओं, मेरा देश मुश्किल में है. बच्चों और महिलाओं समेत हजारों निर्दोष लोग हर रोज शहीद हो जाते है. घर और संपत्ति नष्ट हो जा रही है.’

भारत के ओर से आयोजित होने वाले आईपीएल, पाकिस्तान की पीएसएल, ऑस्ट्रेलिया की बीबीएल समेत दुनिया की कई क्रिकेट फ्रेंचाइजी में हिस्सा लेने वाले इस लेग स्पिनर राशिद खान (rashid khan) ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि, लोग शांति चाहते हैं. उन्होंने ये भी लिखा कि,

‘हमलों के चलते हजारों परिवार इधर-उधर हो जाते हैं. हमें संकट में मत छोड़ो. अफगानों को मारना बंद करो और अफगानिस्तान को नष्ट मत करो. हम शांति चाहते हैं.’

नाजुक दौर से जूझ रहा है अफगानिस्तान

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बता दें कि, अफगानी सरकारी सैन्यबलों और तालिबान के बीच लगातार जारी संघर्ष के बीत कई परिवार बेघर हो चुके हैं. बड़ी संख्या में बच्चों और महिलाओं को भी युद्ध में निशाने पर लिया जा रहा है. बच्चों को हथियारबंद संगठनों में जबरन भर्ती तक किया जा रहा है.

इतना ही नहीं हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ की अफगानिस्तान में प्रतिनिधि हर्वे लूडोविच की ओर जारी किए गए बयान में यह बात स्पष्ट की गई है कि, बीते 72 घंटों में अफगानिस्तान में 20 बच्चों की मौत हुई है और 130 घायल हो चुके हैं. वहीं, यूएनएचसीआर की माने तो, बीते महीने में अफगानिस्तान में 35 हजार से ज्यादा परिवार बेघर हो गए हैं.