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कभी मध्यक्रम में भारतीय क्रिकेट टीम की जान कहलाने वाले सुरेश रैना काफी लंबे से टीम से बाहर चल रहे है. हाल में ही अपने एक बयान के दौरान उन्होंने टीम के चयनकर्ताओं पर यह आरोप भी लगाया था कि वह टीम के सीनियर खिलाड़ियों का सम्मान नहीं करते. 

दरअसल रैना के मुताबिक टीम के चयनकर्ताओं ने उन्हें ड्रॉप करने से पहले इस बारे में नहीं बताया और ना ही कोई बात भी की. सुरेश रैना के अनुसार हर खिलाड़ी को यह पता होना चाहिए कि आखिर क्यों उन्हें टीम से ड्रॉप किया गया.

एमएसके प्रसाद ने कही अलग ही बात

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वहीं टीम इंडिया के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने सुरेश रैना के सभी दावों का मुहं तोड़ जवाब दिया. पीटीआई से बातचीत के दौरान प्रसाद ने कहा,

‘’वीवीएस लक्ष्मण को देखिये, जब उन्हें 1999 में भारतीय टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया था, तो उन्होंने घरेलू क्रिकेट में 1400 से अधिक रन बनाकर खुद को चयनित करने पर मजबूर कर दिया था. सीनियर खिलाड़ियों से यही उम्मीद की जाती है, कि यदि टीम से ड्रॉप होते है तो घरेलू क्रिकेट में बड़े रन बनाकर शानदार वापसी करे. दुर्भाग्य से हमने घरेलू क्रिकेट में सुरेश रैना को उस रूप में नहीं देखा, जबकि अन्य युवा घरेलू क्रिकेट और भारत ए में अपने शानदार प्रदर्शन के साथ बड़े स्तर पर उभरे”

फ्लॉप तो हुए रैना

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वास्तव में देखा जाए तो एमएसके प्रसाद की बात गलत भी नहीं है, क्योंकि टीम से ड्रॉप किये जाने के बाद रैना घरेलू स्तर पर भी लगातार संघर्ष करते दिखाई पड़े. बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 2018-19 रणजी सत्र में सिर्फ 243 रन बनाए, वही आईपीएल 2019 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हुए उनके बल्ले से 23.93 की औसत से 17 मैचों में 383 रन और यही कारण भी रहा कि उन्हें विश्व कप टीम के लिए चयनित नहीं किया गया.

हालाँकि आखिरी बार रैना को साल 2018 के इंग्लैंड दौरे पर देखा या था. जहां वह टी20 और वनडे सीरीज का हिस्सा थे. इस दौरान उनके बल्ले से एक टी20I मैच में 27, जबकि तीन वनडे में सिर्फ 47 रन आये थे. इंग्लैंड दौरे से पहले, रैना ने आयरलैंड के खिलाफ 69 रन की एक बेहतरीन टी20 पारी भी खेली थी.

यह समझना मुश्किल

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सुरेश रैना एक लंबे समय से वनडे क्रिकेट में आउट ऑफ़ फॉर्म नजर आ रहे थे और उनका टीम से ड्रॉप होना भी समझ में आता था, लेकिन अच्छे प्रदर्शन के बाद भी क्यों उन्हें टी20I टीम से बाहर किया गया, यह सवालियां निशान खड़े करता है.

रैना के अनुसार जब वह अच्छा नहीं कर पा रहे थे, तब चयनकर्ताओं को उनसे बात करनी चाहिए थी. सुरेश रैना से पहले अनुभवी युवराज सिंह ने भी टीम इंडिया के चयनकर्ताओं पर ऐसे ही आरोप लगाये थे.

सुरेश रैना ने स्पोर्ट्स तक से कहा, ‘’मुझे लगता है कि चयनकर्ताओं को सीनियर खिलाड़ियों के प्रति अधिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी. मुझे बताओ, अगर मेरे पास कोई कमी है तो मैं कड़ी मेहनत करूंगा. जब कारण का पता नहीं है, तो वह कैसे सुधार करेगे.’’

AKHIL GUPTA

क्रिकेट...क्रिकेट...क्रिकेट...इस नाम के अलावा मुझे और कुछ पता नहीं हैं. बस क्रिकेट...