Quinton de Kock

शुक्रवार को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 3 मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला खेल गया। इस मैच में दक्षिण अफ्रीका टीम के सलामी बल्लेबाज क्विंटन डीकॉक (Quinton de Kock) को ‘मैन ऑफ द मैच’ घोषित किया गया है। डीकॉक ने इस मैच में 66 गेंदों में 78  रनों की शानदार पारी खेली। इसके अलावा क्विंटन डीकॉक (Quinton de Kock) ने जबरदस्त विकेटकीपिंग करते हुए भारतीय बल्लेबाज वेंकटेश अय्यर को आउट कर दिया उनके इसी प्रदर्शन के चलते मेजबान टीम ने एक तरफा दूसरा मैच जीत लिया है। इसके साथ ही मेजबान टीम ने 3 मैचों की सीरीज में 2-0 से अजय बढ़त बना ली है।

पहले विकेट के लिए 132 रनों की साझेदारी

South Africa Won 2nd Test 2022

सलामी बल्लेबाज के तौर पर आए क्विंटन डीकॉक (Quinton de Kock)  के इस मैच की शुरुआत में ही ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी की। बोलैंड पार्क की स्लो पिच पर 288 रनों का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं था। लेकिन डीकॉक (Quinton de Kock)  की बेहतरीन बल्लेबाजी के कारण मेजबान टीम ने इस लक्ष्य को 7 विकेट और ओवर रहते ही हासिल कर लिया डीकॉक ने अपने साथी बल्लेबाज यानेमन मलान (Janneman Malan) के साथ पहले विकेट के लिए 132 रनों की साझेदारी की थी।

Quinton de Kock ने 68 गेंदों में बना डाले 78 रन

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पारी की शुरुआत में आए क्विंटन डीकॉक (Quinton de Kock) ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर आक्रमण का मन बना लिया था। उन्होंने सिर्फ 66 गेंदों का सामना करते हुए 78 रन बना डालें।  जिसमें 7 चौके और 3 छक्के शामिल थे। हालांकि 22वें ओवर की आखिरी गेंद पर तेज गेंदबाज शार्दूल ठाकुर ने उन्हें LBW आउट कर दिया।

लेकिन तब तक क्विंटन डीकॉक अपनी टीम के लिए मैच विनिंग पारी खेल चुके थे। डीकॉक का विकेट गंवाने तक दक्षिण अफ्रीका रन चेज में अच्छी स्थिति में आ गई थी।

यानेमन मलान की जमकर की तारीफ

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दूसरे वनडे मैच में ‘मैन ऑफ द मैच’ के अवॉर्ड से नवाजे जाने के बाद क्विंटन डीकॉक (Quinton de Kock)  ने कहा कि

“मैदान में निकलना और कुछ रन बनाना अच्छा है। पिच पर डटे रहना और कुछ समय बल्लेबाजी करना काफी अच्छा है। मैं आज बल्लेबाजी करते हुए अच्छा महूसस कर रहा था। मुझे लगता है कि मैं और यानेमन दोनों एक जैसे खिलाड़ी हैं और हमारे बीच काफी अच्छी समझ है।”

इसके बाद क्विंटन डीकॉक से हालही में उनके पिता बनने के अनुभव के बारे में भी पूछा गया। जिसके जवाब में क्विंटन का कहना था कि मुझे

” मुझे अपनी बच्ची के साथ सिर्फ कुछ दिन बिताने का मौका मिला, लेकिन यह बहुत खुशनुमा और आरामदायक है और मुझे लगता है कि इससे मेरे जीवन में बच्चों के बारे में मेरा दृष्टिकोण बदल दिया है। यह बहुत अच्छा रहा।”