Prithvi shaw test
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भारत-इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज होने वाला है. इस श्रृंखला का पहला मैच नाटिंघम में 4 अगस्त को खेला जाएगा. उससे पहले पृथ्वी शॉ (Prithvi shaw) और सूर्या को रिप्लेसमेंट के तौर पर ब्रिटेन भेजने की ऑफिशियल अनाउंसमेंट की गई थी. हालांकि ये दोनों अभी श्रीलंका में आइलसोलेशन पीरियड का सामना कर रहे हैं. ऐसें में ये इंग्लैंड दौरे के लिए कब रवाना होंगे अभी इस बारे में कुछ वहीं कहा सकता है.

लेकिन, एक बात स्पष्ट है कि, तीसरे टेस्ट से पहले ये दोनों टीम इंडिया से नहीं जुड़ पाएंगे. इस खास रिपोर्ट में हम शॉ के बारे में चर्चा करने जा रहे हैं. जो इस सीरीज में मिलने वाले मौकों को भुनाना चाहेंगे और टेस्ट में अपनी जगह पक्की करना चाहेंगे. जानिए इसके पीछे के तीन कारण….

1. आक्रामक खेल

Prithvi shaw

इस लिस्ट में हम सबसे पहले उनके खेल तकनीकि के बारे में बात करने जा रहे हैं. अक्सर वो अपने पारी की शुरूआत अटैकिंग अंदाज में करते हैं. उनका यही अंदाज कई बार उन्हें बड़ी पारी खेलने में मदद करता है. अपने इसी आक्रामक खेल के चलते वो टीम को अच्छी शुरूआत देने में भी सफल रहे हैं. अब तक उन्होंने भारत की ओर से कुल 5 ही टेस्ट मैच खेले हैं. इन 5 मुकाबले में ओपनिंग करते हुए उन्होंने 42.38 की औसत से कुल 339 रन बनाए है.

इस पारी में उनके बल्ले से 1 शतक और 2 अर्धशतक निकले हैं. उनका बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट 86.04 का रहा है. पृथ्वी शॉ (Prithvi shaw) अपने आक्रामक खेल के चलते ही ही चर्चाओं में बने रहते हैं. उनका ये अंदाज आईपीएल 2021 और उससे पहले घरेलू टूर्नामेंट में भी देखने को भी मिला था. यहां तक कि श्रीलंका के खिलाफ खेली गई लिमिटेड ओवर की सीरीज में भी वो इसी अंदाज से खेल रहे थे. इसलिए ये कहना गलत नहीं होगा कि इस बार इंग्लैंड के खिलाफ वो अपनी जगह पक्की कर सकते हैं.

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