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भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस समय अपने वर्ल्डकप का अभियान खत्म करके वापस घर लौट आयीं हैं, जिसके बाद उनका हर जगह पर काफी भव्य स्वागत हुआ हैं. भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इस पूरे वर्ल्डकप में सिर्फ एक मैच की हार का सबसे अधिक मलाल रहेगा जो उनके जेहन में आने वाले अगले वर्ल्डकप तक जिन्दा रहने वाला हैं और वो हैं फाइनल मैच में हार जिसमे भारत को इंग्लैंड के हाथों 9 रन से हार का सामना करना पड़ा था और उन्हें इस हार का गम अभी भी हैं, जिसका खुलासा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 जुलाई को मन की बात प्रोग्राम के दौरान किया.

प्रधानमंत्री से मिली थी पूरी टीम

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भारतीय महिला क्रिकेट टीम वर्ल्डकप के फाइनल मैच में हार के बाद जब वापस भारत लौटी तो पूरी टीम का स्वागत काफी भव्य तरह से किया गया, जिसके बाद टीम का सम्मान भी किया गया जिसमे भारतीय क्रिकेट बोर्ड और रेलवे ने टीम के सभी खिलाड़ियों का सम्मान किया जिसके बाद पूरी टीम शाम के समय प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के लिए गयी और टीम के सभी खिलाड़ियों ने उनसे मुलाकात की जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात प्रोग्राम में उन सभी खिलाड़ियों से हुयी बातचीत के बारे में बताया कि उनके चेहरे से साफ तौर पर पता चल रहा था, कि उन्हें फाइनल मैच में हार से काफी निराशा हुयी हैं और मैंने इस बात का भी अनुभव किया कि वर्ल्डकप ना जीत पाने का उनपर काफी बोझ भी लग रहा था.

मैंने सभी को समझाया

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प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी निराशा को समझते हुए सभी को समझाया कि “आजकल मीडिया का जमाना ऐसा हैं, कि सभी से उम्मीदें इतनी बढ़ा दी जाती हैं, कि जब वो सफलता में नहीं परिवर्तित होती हैं, तो उससे सभी को काफी निराशा तो होती ही हैं साथ में ये गुस्से में भी बदल जाती हैं. हम सबने कई ऐसे खेल देखे हैं, कि भारत के खिलाड़ी यदि विफल हो जाते हैं, तो देश का गुस्सा उनपर टूट पड़ता हैं और कुछ लोग तो मर्यादा को भी तोड़कर उनके बारे में ऐसी चीजे बोल देते हैं और लिख देते हैं, जिससे काफी पीड़ा होती हैं.”

पहली बार ऐसा हुआ हैं

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प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी इस बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ऐसा पहली बार हुआ हैं कि जब भारत की बेटियां विश्वकप में सफल नहीं हो सकी तो उनकी इस हार की जिम्मेदारी पूरे देश ने अपने कन्धों पर ले लिया और जरा सा भी बोझ उन बेटियों पर नहीं पड़ने दिया. इतना ही नहीं इन बेटियों ने जो किया उसका गुणगान भी किया उसका गौरव भी किया मैं इसे एक सुखद बदलाव मानता हूँ और मैंने इस सभी बेटियों से कहा कि आप देखिये ऐसा सौभाग्य सिर्फ आप ही लोगो को मिला हैं, आप मन में से निकाल दीजिये कि आप सफल नहीं हुयी हैं, आप मैच जीते या ना जीतें आप ने पूरे देशवासियों का दिल जीत लिया हैं.

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