आज का दिन भारतीय क्रिकेट इतिहास में बेहद ही खास है. दरअसल आज ही के दिन सन 1999 के विश्व कप में भारत और इंग्लैंड का आमना सामना हुआ था. दोनों देशों के बीच यह मुकाबला एजबेस्टन, बर्मिंघम के मैदान पर खेला गया था. इससे पहले दो मैचों में केन्या और श्रीलंका को मात देने वाली टीम इंडिया टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत की तलाश में थी.

भारतीय बल्लेबाज नहीं खेल सके बड़ी पारियां

मुकाबलें का आगाज मेजबान इंग्लैंड के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के साथ हुआ. टीम इंडिया को पहले बल्लेबाजी कर बड़ा स्कोर बोर्ड पर लगाना था, लेकिन भारतीय टीम अपने निर्धारित 50 ओवर के खेल में आठ विकेट के नुकसान पर मात्र 232 रन ही बना सकी.

टीम के लिए राहुल द्रविड़ के बल्ले से सबसे ज्यादा 53 रन आये, जबकि अन्य बल्लेबाजों में सौरव गांगुली 40 और अजय जडेजा 39 रन बनाने में सफल हुए. सचिन तेंदुलकर के बल्ले से सिर्फ 22 रन देखने को मिले, वहीं कप्तान मोहम्मद अजहरूदीन ने 26 रनों का योगदान दिया था.

इंग्लैंड की टीम के लिए डैरेन गफ, एलन मुली और मार्क एलहम के खाते में दो दो सफलता आई, जबकि एंड्रू फ्लिंटॉफ भी एक विकेट अपने नाम करने में सफल रहे.

भारतीय गेंदबाजों ने किया कमाल

इंग्लिश टीम सामने मुकाबला जीतने के लिए 233 रनों का आसान लक्ष्य था. लक्ष्य देखने में आसान जरुर था लेकिन भारतीय टीम ने भी हार नहीं मानी थी. इंग्लैंड की शुरुआत बेहद ही खराब रही और 12 के स्कोर पर टीम का पहला विकेट गिर गया, उसके बाद 13 पर दूसरा और देखते ही देखते आधी टीम 118 के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गयी.

इंग्लैंड टीम 45.2 ओवर के खेल में 169 पर सिमट गयी और भारत ने यह मुकाबला 63 रनों के बड़े अंतर से जीतकर अपने नाम किया. इंग्लैंड के लिए ग्राहम थ्रोप 36, नासीर हुसैन 33 और नील फेयरब्रोथ्र 29 रन बनाने में सफल रहे.

टीम की जीत में जाहिर सी बात है गेंदबाजों ने बेहद ही काबिले तारीफ खेल दिखाया और सफलता का स्वाद चखा. जवागल श्रीनाथ, देबासीस मोहंती और अनिल कुंबले दो दो खिलाड़ियों को आउट करने में कामयाब हुए जबकि सौरव गांगुली ने तीन अंग्रेजों का शिकार किया.

आठ ओवर की गेंदबाजी में मात्र 27 रन खर्च करने वाले प्रिंस ऑफ कोलकाता सौरव गांगुली को ‘मैन ऑफ द मैच’ के अवार्ड से नवाजा गया.

AKHIL GUPTA

क्रिकेट...क्रिकेट...क्रिकेट...इस नाम के अलावा मुझे और कुछ पता नहीं हैं. बस क्रिकेट...