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न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने आखिरकार 21 सालों के सूखे को दूर करते हुए आईसीसी खिताब अपने नाम किया है। New Zealand क्रिकेट टीम ने WTC फाइनल में भारत को 8 विकेट से मात देकर ट्रॉफी जीती है। इसी के साथ केन विलियमसन ने अपना नाम इतिहास में सुनहरे अक्षरों से दर्ज करवा लिया है। साथ ही अब New Zealand के नाम के साथ जुड़ा चोकर्स का टैग भी हट गया है। अब कीवी टीम के प्रदर्शन को देखकर साउथ अफ्रीका को भी आत्मविश्वास मिला होगा, जिससे वह ट्रॉफी जीत सकते हैं।

न्यूजीलैंड को भी बोला जाने लगा था चोकर्स

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अगर ऐसा कहा जाए कि कुछ समय पहले तक न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम को चोकर्स कहा जाने लगा था तो यह बिल्कुल भी गलत नहीं होगा। साल 2011 वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में टीम का हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद साल 2015 और 19 के एकदिवसीय विश्व कप में भी टीम फाइनल तक पहुंची लेकिन खिताबी जीत का स्वाद न चख सकी।

2016 में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भी कीवी टीम को हार नसीब हुई थी। टीम ने एक के बाद एक आईसीसी इवेंट्स के सेमीफाइनल और फाइनल तक का सफर जरुर तय किया लेकिन ट्रॉफी जीतने से वंचित रह गई। आख़िरकार New Zealand का 21 सालों बाद न सिर्फ आईसीसी ट्रॉफी जीतने का सपना पूरा हुआ बल्कि टीम के ऊपर से भी चोकर्स का ठप्पा हट गया।

साउथ अफ्रीका जीत सकती है आईसीसी ट्रॉफी

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विश्व क्रिकेट में चोकर्स का ठप्पा सबसे पहले साउथ अफ्रीकी टीम पर लगा था। 90 के दशक 1999 के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में टीम को बहुत करीबी हार का सामना करना पड़ा। उसके बाद 2007 और 2015 के वनडे वर्ल्ड कप में भी टीम खिताब के बहुत करीब पहुंचने के बाद ट्रॉफी उठाने से चूक गई।

2007 का टी20 वर्ल्ड कप तो उसकी धरती पर खेला गया था, लेकिन वहां भी टीम अपना रंग नहीं दिखा सकी। 1998 को छोड़ दिया जाए तो आज तक टीम एक बार भी आईसीसी की ट्रॉफी अपने नाम नहीं कर सकी है। लेकिन अब जिस तरह से New Zealand ने अपने ऊपर से चोकर्स का ठप्पा हटवा लिया है, तो साउथ अफ्रीका की टीम भी ये आगामी आईसीसी इवेंट्स में खिताब जीतकर अपने नाम पर लगे चोकर्स के ठप्पे को हटा सकती है।