भारतीय क्रिकेट के दिग्गज आलराउंडर खिलाड़ी युवराज सिंह ने पिछले महीने क्रिकेट से संन्यास लिया था. युवराज सिंह ने भारतीय टीम को 2007 में टी20 विश्व कप और 2011 विश्व कप में खिताब जीताने में अहम भूमिका निभाई थी. युवराज सिंह ने संन्यास के बाद बताया की वो आईपीएल में क्यों अच्छा खेलने में नाकाम रहे. इस समय युवराज सिंह कई प्रोग्राम में हिस्स ले रहे है.

संन्यास के बाद आईपीएल के प्रदर्शन पर बोले युवराज सिंह 

युवराज सिंह

आईपीएल में कभी लगातार अच्छा प्रदर्शन ना कर पाने की वजह बताते हुए युवराज सिंह ने कहा कि

” मैं कभी किसी आईपीएल टीम में स्थिर नहीं हो पाया. मैं एक या दो आईपीएल टीमों के लिए तो कभी भी स्थिर होकर खेल ही नहीं पाया. मैं उस बार कोलकाता नाईट राइडर्स में जा रहा था और आखिरी समय में मैं रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर में चला गया. आईपीएल में मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ सीजन रॉयल चैलेजर्स बैंगलोर के साथ ही बिताया.”

उन्होंने आगे कहा कि

” मैं बहुत दुर्भाग्यशाली था कि कोलकाता नाईट राइडर्स के लिए नहीं खेल पाया. सच कहूँ तो मैं इसके लिए शिकायत नहीं कर सकता. मुझे सभी टीमों के लिए खेल कर मजा आया. मुंबई की टीम में जाना और उसके बाद उस बार खिताब भी जीतना शानदार रहा. इसके साथ सनराइजर्स हैदराबाद के साथ खेलते हुए आईपीएल टूनामेंट जीतना भी मेरे लिए यादगार रहा था.”

टी20 विश्व पर भी बोले युवराज सिंह

अपने करियर के सबसे अहम दौर 2007 के टी20 विश्व कप पर बात करते हुए युवराज सिंह ने कहा कि

” 2007 टी20 विश्व कप मेरे लिए यादगार रहा है. उसके बाद मेरे खेल में बहुत ही शानदार बदलाव रहा. जब मैंने 6 छक्के लगाए तो वो दिन मेरा था. उस ओवर की पांचवी गेंद योर्कर थी लेकिन उसके बाद मैं आसानी से छक्का लगा पाया इसलिए मुझे लगा की वो दिन मेरा था. वो एक शानदार टूनामेंट था.”

उन्होंने आगे कहा कि

“उसके बाद क्रिकेट आगे बढ़ा. किसी को नहीं लगा था की हम जीत जायेंगे. हमारे पास नया कप्तान था तो हम बिना डरे हुए खेल रहे थे. हमने एक मुश्किल मैच हारा भी लेकिन हम वापसी करने में सफल रहे और और फाइनल जीत कर टूनामेंट अपने नाम कर लिया.”

6 आईपीएल टीमों से खेले युवराज

अपने आईपीएल करियर में 6 आईपीएल टीम के लिए युवराज सिंह ने खेला. जिसमें किंग्स इलेवन पंजाब, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, दिल्ली कैपिटल्स, मुंबई इंडियंस, सनराइजर्स हैदराबाद, सहारा पुणे वारियर्स शामिल थी. युवराज सिंह ने आईपीएल में 132 मैच खेला और 2750 रन बनाए और 36 विकेट निकाले