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Naman Ojha of the Sunrisers Hyderabad celebrates the wicket of Rahul Ajay Tripathi of Rising Pune Supergiant during match 44 of the Vivo 2017 Indian Premier League between the Sunrisers Hyderabad and the Rising Pune Supergiant held at the Rajiv Gandhi International Cricket Stadium in Hyderabad, India on the 6th May 2017 Photo by Ron Gaunt - Sportzpics - IPL

भारत की घरेलू फ्रेंचाइजी लीग आईपीएल तमाम खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन प्लेटफॉर्म है। कैश रिच लीग ने भारत को कई स्टार खिलाड़ी दिए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ खेली जाने वाली टी20आई सीरीज के लिए भी जो टीम चुनी गई है, उसमें से कुछ नए नाम अपने आईपीएल प्रदर्शन +से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित करने में सफल रहे हैं। लेकिन अब भारत के पूर्व क्रिकेटर नमन ओझा ने इसपर अपनी राय दी है।

आईपीएल में अच्छा खेलकर मिलती है टीम में जगह

आईपीएल 2021

भारत के घरेलू क्रिकेट के स्टार खिलाड़ी नमन ओझा ने हाल ही में अचानक से सभी क्रिकेट फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान करके फैंस को हैरान कर दिया था। अब पूर्व क्रिकेटर ने भारतीय क्रिकेट टीम में आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करने वालों को चुनने को लेकर स्पोर्ट्सकीड़ा से बात करते हुए कहा,

“अगर आप घरेलू क्रिकेट खेलते हैं और रन बनाते रहते हैं तो लोग उन रनों पर ध्यान नहीं देंगे। आईपीएल में अगर आप दो अच्छी पारियां खेलते हैं तो आप टेस्ट टीम, वन-डे टीम और टी 20 टीम में जगह बना सकते हैं।”

आईपीएल से सिर्फ टी20 टीमों का होना चाहिए चयन

नमन ओझा का मानना है कि आईपीएल के माध्यम से सिर्फ टी20आई टीम का चयन होना चाहिए, क्योंकि खिलाड़ी फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कड़ी मेहनत करते हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के लिए आखिरी बार आईपीएल खेलने वाले ओझा ने कहा,

“मुझे लगता है कि आप आईपीएल से टी 20 टीमों का चयन कर सकते हैं लेकिन वन-डे और टेस्ट के लिए नहीं। [क्योंकि] फिर फर्स्ट क्लास क्रिकेट क्यों खेलते हैं? इतना खर्च क्यों? क्योंकि यह आपके शरीर पर एक टोल लेता है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने के लिए बहुत सारे अनुशासन और फिटनेस की आवश्यकता होती है।”

घरेलू स्तर पर खेलना नहीं होता आसान

नमन ओझा

मध्य प्रदेश के विकेटकीपर बल्लेबाज नमन ओझा ने 146 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, जिसमें 41.67 के औसत से 9753 रन बनाए हैं। वहीं उन्होंने 143 लिस्ट ए व 182 टी20s मुकाबले खेले जिसमें क्रमश: 4278 व 2972 रन बनाए। उन्होंने आगे घरेलू क्रिकेट में होने वाली मुश्किलों को लेकर कहा,

“घरेलू स्तर पर खेलना इतना आसान नहीं है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपको हर समय बहुत अच्छी सुविधाएं, फिजियो और मास्क उपलब्ध होतहैं। घरेलू में आप सुबह 5 बजे उड़ान भर रहे हैं, अभ्यास कर रहे हैं और मैच खेल रहे हैं। यह अलग होता है और शरीर के लिए थोड़ा मुश्किल भी होता है।”