Mukesh kumar cricketer vs BAN A-IND A

ऑटो ड्राइवर के बेटे ने बांग्लादेश में मचाई तबाही, टीम इंडिया में मिले मौके का उठाया जबरदस्त फायदा, विरोधियों पर गेंद से बरपाया कहर∼

भारत-ए और बांग्लादेश-ए (BANA vs INDA) के बीच 2 अनऑफिशियली मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला शेख कमल इंटरनेशल स्टेडियम में खेला जा रहा है. इस मुकाबले में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला काफी हद तक टीम फेवर में रहा. भारतीय गेंदबाजों ने खतरनाक गेंदबाजी करते हुए मेजबान टीम बांग्लादेश-ए को महज 112 रनों पर ही ढेर कर दिया. इस मैच में ऑटो डॉइवर के बेटे मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) ने अपनी तेज गेंदबाजी से बांग्लादेश के बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया.

Mukesh Kumar ने बांग्लादेश के खिलाफ बरपाया कहर

Mukesh-Kumar

बांग्लादेश दौरे पर भारत-ए ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी के शानदार आगाज किया है. शेख कमल इंटरनेशल स्टेडियम में खेला जा पहले अनऑफिशियली मैच में शानदार गेदंबाजी के दम पर बांग्लादेश-ए को 106 रनों पर ढेर कर दिया. जिसमें भारतीय गेंदबजों को बोलबाला देखने को मिला.

मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) शुरूआत में बढ़िया गेंदबाजी करते हुए बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज जाकिर हसन को बिना खाता खोले ही पवेलियन भेज दिया. मुकेश यहीं नहीं रूके. वह भारत को अगला विकेट दिलाने के लगाताकर भरपूर प्रयास करते रहे और चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए मोमिनुस हक को 19 रनों पर चलता किया. जो टीम के लिए मुसीबत साबित हो सकते थे.

ऑट्रो ड्राइवर के बेटे मुकेश को है डेब्यू का इंतजार

Mukesh Kumar
Mukesh Kumar

ऑटो डाइवर के बेटे मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) का घेरलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन जारी है. लेकिन उन्हें अभी टीम इंडिया के लिए अपने डेब्यू का इंतजार है. उन्होंने इस साल ईरानी कप में अपनी खतरनाक गेंदबाजी के चलते चयानकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा था. जिसके बाद उन्हें साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली गई 3 मैचों की वनडे सीरीज के लिए चुना गया था, लेकिन मुकेश धवन की कप्तानी में मौका नहीं मिल सका था. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया में मौका कब मिल पाता है.

फिल्मी पर्दे से कम नहीं क्रिकेटर बनने की कहानी

Mukesh Kumar

बिहार के गोपालगंज जिले के ककरकुंड के रहने वाले मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं है. यहां पहुंचे के लिए उनकी कड़ी तपस्या छिपी है. मिडिल क्लास फैमली के बच्चे के लिए क्रिकेट बनना लोहे के चने चबाने से कम नहीं होता. कुछ युवा खिलाड़ी को पैसों की तंगी के चलते क्रिकेटर बनने का सपना देखना ही छोड़ देते हैं.

मगर मुकेश कुमार ने हार नहीं मानी और अपने मिशन पर लगे रहे. बता दें कि मुकेश ने सेना की भर्ती होने का प्रयास किया और फीजिकल टेस्ट में तीन बार फेल हो गए. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. पिता काशीनाथ सिंह दुर्घटना मौत हो जाने के बाद भी मुकेश ने क्रिकेट खेलना जारी रखा. यही कारण है कि वो आज घरेलू क्रिकेट में अपना लोहा मनवा रहे हैं.

कुछ ऐसा रहा है मुकेश का किरयर

Mukesh Kumar

इसी साल अगस्त में उनका चयन इंडिया ए टीम के लिए हुआ था, अभी वह ईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया लिए मौका मिला था. जबकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया के खिलाफ डेब्यू करने से चूक गए. बता दें कि अभी तक 31 फर्स्ट क्लास मैच में मुकेश के नाम 114 विकेट है. जबकि 18 लिस्ट ए  24 मैच खेलकर 26  विकेट लिए हैं. वह टी20 में 23 मैच में25 विकेट ले चुके हैं. ऐसे फैंस उम्मीद रहे हैं कि यह खिलाड़ी भविष्य में टीम इंडिया का स्टार खिलाड़ी बनकर उबर सकता है.

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Rubin Ahmad

रूबिन अहमद, क्रिकेट एडिक्टर ऑनलाइन में असिस्टेंट न्यूज एडिटर हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय...