MSK Prasad AFP

हाल में ही एमएसके प्रसाद का बतौर मुख्य चयनकर्ता टीम इंडिया में कार्यकाल समाप्त हुआ. एमएसके प्रसाद के कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल और वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी. साथ ही उनकी अध्यक्षता में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीतने में सफल रही थी.

एमएसके प्रसाद का पूरा करियर काफी उतार चढ़ाव भरा रहा. अपने कार्यकाल के दौरान वह अधिकांश फैंस के निशानें पर ही रहे. फिर चाहे बात विश्व कप से ठीक पहले अंबाती रायडू  के चयन की हो, या फिर अचानक से ही करुण नायर को टेस्ट टीम से ड्रॉप कर देना.

नायर के साथ हुआ गलत

करुण नायर
image credit: bcci.tv

हाल में ही 45 वर्षीय एमएसके प्रसाद ने फैनकोड वेबसाइट से खास बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें अपने कार्यकाल में लिए गये कई फैसलों का बहुत पछतावा है. खासतौर पर करुण नायर को टेस्ट टीम से बाहर करने के फैसले पर.

इतना ही नहीं साल 2018 के इंग्लैंड दौरे पर भी नायर टीम के साथ दौरे पर गये थे, लेकिन पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में उन्हें एक भी मैच खेलने को नहीं मिला था, जबकि बीच दौरे पर टीम में शामिल किये गये हनुमा विहारी दौरे पर अपना डेब्यू करने में सफल रहे थे. एमएस के प्रसाद ने अपने बयान में कहा,

‘’ मुझे करूण के लिए बहुत बुरा लगा, खासकर उनके तिहरे शतक के बाद से उन्हें उसके बाद ज्यादा मौके नहीं दिए गये. उन्हें वापसी करने का मौका टीम में नहीं दिया गया. हमने उन्हें इंग्लैंड की सीरीज में मौका दिया, जहां पर उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला. लेकिन टेस्ट में तिहरा शतक लगाना यह हर खिलाड़ी के बस की बात नहीं होती और हम ऐसे खिलाड़ी को वापसी का पूरा मौका नहीं दे पाए. ये उसके लिए ही नहीं बल्कि हम सभी के लिए दुःख की बात है.”

रायडू विवाद पर रखी अपनी प्रतिक्रिया

अम्बाती रायडू

एक समय ऐसा था, जब अम्बाती रायडू नंबर 4 पर टीम इंडिया के लिए विश्व कप खेलने के सबसे मुख्य खिलाड़ी थे, लेकिन टीम के चयन से ठीक पहले उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और उनके स्थान पर टीम में विजय शंकर को मौका मिला. रायडू के ऊपर बात करते हुए एमएसके प्रसाद ने कहा,

”दूसरी बात मुझे रायडू के लिए बुरा लगा. वह विश्व कप टीम में जाने के लिए अंत तक चर्चा के विषय थे. उस समय वो चर्चा बहुत मुश्किल हो गयी थी. चयन के दिन वह चूक गये. वो टीम का हिस्सा नहीं बन सके. जितना बुरा इसके लिए उनको लगा होगा उतना ही बुरा मुझे भी महसूस हुआ.”

अश्विन को ड्रॉप करने पर भी बोले प्रसाद

रविचंद्रन अश्विन

साल 2017 के चैंपियंस ट्रॉफी में मिली करारी हार के बाद ही सीमित ओवर की टीम से आर अश्विन और रविंद्र जडेजा को टीम से इंडिया से आराम के नाम पर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था और इन दोनों खिलाड़ियों के स्थान पर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को टीम में जगह मिली थी.

एमएसके प्रसाद ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा,

”एक ओर दुःख है कि चैंपियंस ट्रॉफी के बाद हमें अश्विन और जडेजा से आगे बढ़ना था और हम कुलदीप और चहल के लेकर आये. यह अच्छा फैसला था, जिससे दो साल तक टीम को फायदा हुआ, लेकिन जब हमने उन दोनों दिग्गजों को टीम से बाहर किया था. उस समय वह नंबर 1 और नंबर 2 पर थे.”

AKHIL GUPTA

क्रिकेट...क्रिकेट...क्रिकेट...इस नाम के अलावा मुझे और कुछ पता नहीं हैं. बस क्रिकेट...