photo credit : Getty images

भारतीय टीम को चलाने का काम सिर्फ भारतीय क्रिकेट बोर्ड का नहीं हैं, बल्कि भारतीय टीम का चयन करने वाले चयनकर्ता पर भी होता हैं, उन्हें टीम के हर एक दौरे के हिसाब चयन करना होता हैं. किस खिलाड़ी का फॉर्म इस समय अच्छा चल रहा हैं और टीम में किस तरह के खिलाड़ी की जरुरत हैं, ये सारा कार्यभार मुख्य चयनकर्ता पर होता हैं. इस समय भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता पूर्व भारतीय विकेटकीपर एम.एस.के. प्रसाद हैं, जिन्होंने अपने इस काम को बखूबी निभाया हैं.

कुछ खिलाड़ियों की हुयी वापसी

photo credit : Getty images

भारतीय टीम के यदि पिछले घरेलू सीजन को देखा जाए तो टीम में ऐसे काफी सीनियर खिलाड़ियों की वापसी हुयी हैं, जिन्होंने शायद टीम में वापसी की अपनी आशा को ही छोड़ दिया था. इस पर टीम के मुख्य चयनकर्ता ने जवाब दिया कि हमने टीम में हर जगह के लिए लगभग 6 से 7 खिलाड़ियों का एक पूल हर वक्त हमारे पास रहता हैं, जिस कारण हम हर समय टीम को लेकर काफी आगे ही अपनी सोच को रखते हैं.

अश्विन के घायल होने पर कौन

photo credit : Getty images

इस इंटरव्यू के दौरान जब एम.एस.के. प्रसाद से पूछा गया कि यदि रविचंद्रन अश्विन घायल हो जाते हैं, तो टीम में उनकी जगह पर किस ऑफ स्पिनर को शामिल किया जायेगा, तो इस पर प्रसाद ने कहा कि “हमने जयंत यादव को उनके बैकअप के रूप में रखा हुआ हैं और इसके अलावा भी हमारे पास बाकी सीनियर खिलाड़ी भी हैं, जिन्हें मौके दिए जाने पर निराश नहीं करेंगे. पिछले कुछ समय से हमने कुछ सीनियर खिलाड़ियों ने  टीम में वापसी हैं, जिसमे गौतम गंभीर और दिनेश कार्तिक प्रमुख रूप से हैं और दोनों ने ही बेहतरीन प्रदर्शन किया हैं. दिनेश कार्तिक चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान टीम का हिस्सा था, जिसके बाद उन्हें हमने वेस्टइंडीज के दौरे तक टीम के साथ रखा ,और दिनेश ने वेस्टइंडीज में मिले मौकें का पूरा लाभ उठाया.”

दिनेश ने घरेलू सीजन में किया अच्छा प्रदर्शन

photo credit : Getty images

दिनेश कार्तिक को भारतीय टीम में वापस लाने के कारण को प्रसाद ने बताया कि दिनेश ने घरेलू क्रिकेट में तीनों फॉर्मेट में काफी शानदार प्रदर्शन किया था, जिसके बाद हमने उन्हें भारतीय टीम के लिए चुना और आपको इस बात का हर समय पता रखना पड़ता हैं, कि जो भी सीनियर खिलाड़ी अच्छा खेल रहा हैं, उसकी टीम में वापसी कब करवानी हैं और यहीं बात जूनियर खिलाड़ियों के साथ भी लागू होती हैं, मुझे लगता कि हमने काफी शानदार काम किया, क्योकि इस समय टीम में सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों का एक अच्छा तालमेल देखने को मिल रहा हैं.

वहीं इसके अलावा टेस्ट टीम से करुण नायर को निकालने पर प्रसाद ने कहा कि “मैंने नायर को इस बारे में समझा दिया हैं, कि उन्हें टीम से आखिर बाहर क्यों रखा गया हैं.”

वहीं पार्थिव पटेल पर प्रसाद ने कहा कि “उन्हें बाहर करना मेरे लिए सबसे कठिन निर्णय था, लेकिन टीम में एक अतिरिक्त विकेटकीपर की जगह बिल्कुल भी नहीं बन रही थी, जिस कारण हमें पार्थिव को बाहर करना पड़ा.”

photo credit : Getty images