indian team dhoni

रांची के स्थानीय निवासी एमएस धोनी (MS Dhoni) अपनी प्रतिभा और खेल के लिए पूरी दुनियाभर में मशहूर हैं. पूर्व कप्तान ही नहीं बल्कि खेल और प्रतिभा के मामले में पूरा झारखंड किसी से कम नहीं है. तीरंदाजी से लेकर हॉकी की चल चर्चा के बीच रांची के गांव में भी इन दिनों क्रिकेट को युवा ज्यादा महत्व दे रहे हैं. रांची के कांके प्रखंड के बाढ़ू पंचायत की बेटियों ने तो क्रिकेट को ही अपना उद्देश्य बना लिया है.

पूर्व कप्तान से क्रिकेट एकेडमी खोलने की लगाई गुहार

MS Dhoni

हालांकि क्रिकेट से संबंधित प्रशिक्षण के अभाव में इन बेटियों का आत्मविश्वास कमजोर पड़ने लगा है. राज्य की राजधानी से सिर्फ 20 किलोमीटर दूर बाढ़ू पंचायत की बेटियों का सपना है कि, वो भी ‘रांची के राजकुमार’ कहे जाने वाले और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी (MS Dhoni) के ही नक्शे-कदम पर चलें. यही वजह है कि, यहां की बेटियां कैप्टन कूल से आग्रह कर रही हैं कि वो एक क्रिकेट एकेडमी खोलें. जहां पर लड़कियां खेल की ट्रेनिंग ले सकें.

दरअसल हॉकी और तीरंदाजी की वजह से आए दिन चर्चा में बनी रहने वाली झारखंड की बेटियों में अब इस बात की ललक जाग उठी है कि, वो क्रिकेट की दुनिया में भी अपने राज्य का नाम रोशन करें. कांके प्रखंड के बाढ़ू पंचायत की लड़कियां सुबह से मैदान पर प्रैक्टिस करती हैं. जिससे जुड़ी तस्वीरें भी आप देख सकते हैं. क्रिकेट की दीवानी यह लड़कियां खुद से क्रिकेट को समझती हैं.

क्रिकेट की बारिकियों को सीखना चाहती हैं गांव की ये बेटियां

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आज के दौर में बल्लेबाजी हो, गेंदबाजी हो या फिर फील्डिंग हो, वो हर विभाग में बुलंदियों को छूना चाहती हैं. नौवाटोली की राखी उरांव को बल्लेबाजी करना काफी ज्यादा पसंद है. वो चौके-छक्के लगाने में ज्यादा दिलचस्पी रखती हैं. लेकिन, सही से प्रशिक्षण ना मिल पाने की वजह से उन्हें तकनीकि के बारे में कुछ नहीं पता चल पाता कि, किस गेंद को कैसे खेलना है.

इस बारे में बात करते राखी उरांव कहती हैं कि, हॉकी की तरह गांव के आसपास भी ट्रेनिंग एकेडमी खुल जाए तो उन जैसी कई लड़कियों का क्रिकेट में करियर बनाने का सपना पूरा हो पाएगा. राखी के साथ मैदान में डटीं इशिका प्रिया और सुशीला गाड़ी को गेंदबाजी और बल्लेबाजी करना काफी अच्छा लगता है. सुशीला कहती हैं कि, वो काफी तेज गेंद फेंक सकती हैं. लेकिन, गेंदबाजी की सही तकनीक की जानकारी उन्हें नहीं है. यही वजह है कि इनकी एमएस धोनी (MS Dhoni) से काफी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं.

माही और हेमंत सोरेन की सरकार से भी लड़कियों को है बेहद उम्मीद

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हालांकि इस समय क्रिकेट का सपना देख रही इन लड़कियों को राज्य की हेमंत सोरेन सरकार से भी इस मामले में काफी ज्यादा उम्मीद है. इस बारे में लड़कियों का कहना है कि, यदि हॉकी और तीरंदाजी की तरह उनके गांव के पास भी क्रिकेट एकेडमी खुल जाए, तो वो इस खेल से जुड़ी बारीकी तकनीकि को समझ सकेंगी. दिलचस्प बात तो यह है कि, इनमें से कई लड़कियां ऐसी भी हैं जिन्हें अच्छी तरह बल्ला या गेंद भी पकड़ना नहीं आता.

लेकिन, उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कई बड़े सितारों के नाम याद हैं. इनमें से कई लड़कियों को कप्तान मिताली राज की बल्लेबाजी पसंद है. तो किसी को झूलन गोस्वामी की गेंदबाजी. लेकिन, लोकल हीरो माही भैया ऊर्फ एमएस धोनी (MS Dhoni) का फैन हर कोई है. इसलिए लड़कियां चाहती हैं कि माही भइया उनके लिए एकेडमी खोलकर ट्रेनिंग की सुविधाएं दें.