Prev1 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी को काफी शांत स्वभाव का माना जाता है. मैच में चाहे जो भी परिस्थिति हो वो काफी शांत रहते हैं और कभी भी अपना आपा नहीं खोते हैं या फिर अति उत्साह में नहीं आते हैं. इसीलिए उनको कैप्टन कूल भी कहा जाता है. धोनी ने कई बार इसका उदाहरण पेश किया है.

धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं. उन्होंने भारत को आईसीसी की तीनों ट्रॉफी का विजेता बनाया हैं. चाहे वो वनडे विश्व कप हो, टी-20 विश्व कप हो या फिर चैम्पियंस ट्रॉफी धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम के पास ये सभी ट्रॉफी आई हैं. धोनी हमेशा अपनी टीम को साथी लेकर चलते रहे हैं. इसके बावजूद कई बार उन्ही के साथी खिलाड़ियों ने उन पर खिलाड़ियों को बैक न करने के आरोप लगाये हैं.

लेकिन जहा एक और धोनी की आलोचना हुयी वहीँ उन्ही के साथी खिलाड़ियों ने ही उनकी प्रशंशा भी की है. इसी कारण आज हम आपको 3 ऐसे मौके के बारे में बताएँगे जब एम एस धोनी ने अपने साथी खिलाड़ियों का बचाव किया है.

1. जब धोनी ने किया था युवराज सिंह का बचाव

 

वर्ष 2014 में श्रीलंका के खिलाफ टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में हारने के बाद हताश और निराश भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने युवराज सिंह का बचाव किया था. दरअसल उस मैच में युवराज से सबको उम्मीदें थी, लेकिन युवराज की धीमी बल्लेबाज़ी ने सबको निराश कर दिया.

युवराज 21 गेंदों में मात्र 11 रन ही बना पाए थे. भारत के 130 रनों के जवाब में श्रीलंका ने चार विकेट खोकर मात्र 17.5 ओवर में जीत दर्ज़ कर ली. इसके साथ ही भारतीय टीम 2014 टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में हार गयी थी. जहाँ मीडिया से लेकर प्रशंशक तक युवराज की बल्लेबाजी की निंदा कर रहे थे. वहीं धोनी ने युवराज का बचाव कर सभी का दिल जीत लिया था.

दरअसल मैच के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस हुई थी जिसमें भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से युवराज के प्रदर्शन पर कई सवाल किए गए. धोनी ने इन सवालों का जवाब देते हुए कहा, “युवराज के लिए वो दिन ही खराब था. उन्होंने अपनी ओर से पूरी कोशिश की लेकिन पहली गेंद से ही धुंआधार बल्लेबाजी करना आसान नहीं है.” 

Prev1 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse