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कोरोना के आने के बाद से खिलाड़ियों पर भी काफी पाबंदी लगा दी गयी है. जिसके कारण उन्हें बायो-बबल सर्कल के अंदर में ही रहना पड़ता है. आईसीसी टी20 विश्व कप (T20 World Cup 2021) 17 अक्टूबर से शुरू होगा और फाइनल 14 नवंबर को खेला जाएगा. यानी टूर्नामेंट कुल 29 दिन चलेगा. इस दौरान सभी टीमों को बायो-बबल में रहना होगा. जो खिलाड़ियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा. खासतौर पर उनके लिए जो बीते कुछ महीनों से लगातार बायो-बबल का हिस्सा बने हुए हैं. आईसीसी की भी खिलाड़ियों की इस तकलीफ के बारे में पता है. इसलिए खास प्लान तैयार किया है.

खिलाडियों के मानसिक स्वास्थ्य सबसे जरुरी: आईसीसी

 

ICC

आईसीसी की इंटीग्रिटी यूनिट के प्रमुख एलेक्स मार्शल ने कहा कि कई खिलाड़ी काफी दिनों से अलग-अलग बायो-बबल में रहने के बाद टी20 विश्व कप के लिए आ रहे हैं. ऐसे में उनके लिए नए बायो-बबल का हिस्सा बनना आसान नहीं होगा. हमें यह स्वीकार करना होगा कि नियंत्रित वातावरण में उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होगा. इसलिए आईसीसी ने 24 घंटे एक मनोवैज्ञानिक तैनात रखने का फैसला किया है. ताकि खिलाड़ी जरूरत पड़ने पर उनसे सलाह ले सकें. किसी पर भी बायो-बबल से होने वाली थकान हावी ना हो और खिलाड़ी सिर्फ खेल पर ध्यान लगा सकें.

टी20 विश्व कप के दौरान खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य और बायो-बबल से होने वाली थकान से जुड़े मसलों से निपटने के लिये आईसीसी मनोवैज्ञानिकों की सेवाएं लेगी. इसके लिए 24 घंटे मनोवैज्ञानिक मौजूद रहेंगे, जो मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे पर खिलाड़ियों की काउंसिलिंग करेंगे.

बायो-बबल में परिवार भी रहेंगे मौजूद

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मार्शल ने कहा कि परिवार के सदस्यों के रहने से खिलाड़ियों पर तनाव कम होगा. इसलिए हमने सिर्फ करीबी सदस्यों को बायो-बबल में खिलाड़ियों के साथ रहने की अनुमति दी है. कुछ ही टीमों के खिलाड़ी अपने परिवार के सदस्यों को साथ लाएंगे. इसमें टीम इंडिया भी शामिल होगी. क्योंकि भारत के ज्यादातर खिलाड़ी इस वक्त आईपीएल खेल रहे हैं और उनका परिवार पहले से ही यूएई में मौजूद है.

आईसीसी के इंटीग्रिटी प्रमुख ने आगे कहा कि खिलाड़ियों के परिवार वालों को भी 6 दिन आइसोलेशन में रहना होगा और कोरोना की 3 टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद ही उन्हें बबल में एंट्री करने की इजाजत दी जाएगी.

बायो-बबल में गोल्फ का भी आनंद उठा सकेंगे खिलाड़ी

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मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों से निपटने के लिए, आईसीसी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि खिलाड़ी हर वक्त बायो-बबल के भीतर ही नहीं रहे. वो बाहर जाकर अपना मनोरंजन कर सकें. इसलिए उन्होंने इसके लिए इंतजाम भी किया है. खिलाड़ी बायो-बबल में रहते हुए भी गोल्फ खेल सकेंगे. लेकिन यह भी एक नियंत्रित वातावरण में ही होगा. खिलाड़ियों के गोल्फ कोर्स का बड़ा हिस्सा पहले से ही आरक्षित होगा. ताकि कोरोना संक्रमण के खतरे को नियंत्रित रखा जा सके.