manish paandey

भारतीय टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाज मनीष पांडे (Manish Pandey) इस वक्त अपने बुरे दौर में से गुजर रहे हैं। मौजूदा समय में वो श्रीलंका दौरे पर गए हुए हैं, जहां तीन वनडे मैचों की श्रृंखला में वो टीम के लिए उपयोगी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं। यहां तक कि इस सीरीज में उनका उच्चतम स्कोर सिर्फ 37 का ही रहा। सिर्फ इतना ही नहीं आईपीएल के 14वें संस्करण में भी वो ज्यादा कामयाब नहीं हो सके। ऐसे में कहा जा सकता है कि मनीष पांडे का करियर अब खत्म होने की कगार पर पहुंच चुका है।

नाकाफी रहा Manish Pandey का प्रदर्शन

sri lanka Tour-manish Manish Pandey

भारतीय टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाज Manish Pandey ने अभी तक कुल 29 मैचों में बल्लेबाजी की है। लेकिन, वो ज्यादा खास असर नहीं छोड़ सके हैं। दरअसल इन मैचों में वो उनके नाम 566 रन हैं, इन मैचों में वो सिर्फ 1 शतक और सिर्फ 2 ही अर्धशतक जड़ सके हैं। अगर वो अच्छे बल्लेबाज हैं तो लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहना होगा। क्योंकि ऐसा करने से ही उनकी टीम में जगह बनी रह सकती है।

 सिर्फ इतना ही नहीं आईपीएल के 14वें संस्करण के आधे सत्र में भी वो सनराइजर्स हैदराबाद के लिए वो मैच जिताऊ प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। Manish Pandey के नाम 5 मैचों में सिर्फ 2 ही अर्धशतक दर्ज हैं। जबकि टीम का हाल सभी को पता है। टीम सबसे निचले पायदान पर मौजूद है। क्योंकि हैदराबाद सिर्फ एक ही मैच जीत सकी है। 

Manish Pandey से अच्छा सूर्यकुमार ने किया अच्छा प्रदर्शन

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भारतीय टीम इस वक्त श्रीलंका के दौरे पर है। जहां तीन एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला भारत ने 2-1 से जीत ली है और अब तीन टी20 मैचों की श्रृंखला खेली जानी है। हाल में खत्म हुई तीन वनडे मैचों में भले ही मध्यक्रम के बल्लेबाज Manish Pandey ज्यादा प्रभावी सिद्ध नहीं हो सके हैं। उनके प्रदर्शन के बाद भी टीम ना तो जीत ही दर्ज कर पा रही है और ना ही वो वो हर मैच में बल्ले से ही प्रदर्शन कर पा रहे हैं।

 आपको बता दें कि एक और मध्यक्रम के बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने तीनों मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलवाने की हरसंभव कोशिश की है। यादव ने पहले मैच में 20 गेंदों में नाबाद 31, दूसरे मैच में 53 और तीसरे मैच में महत्वपूर्ण 40 रन, यह सभी दर्शाते हैं कि भविष्य ही नहीं वर्तमान में भी वो टीम के लिए सबसे बड़ी जरूरतों में से एक और मनीष पांडे का सबसे उपयुक्त विकल्प भी बनते जा रहे हैं।