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भारतीय टीम के कई खिलाड़ी कोरोना वायरस की लहर से बचने के लिए वैक्सीन की पहली डोज ले चुके हैं. इसमें टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली से लेकर अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा उमेश यादव, जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों का नाम शामिल है. इसी बीच कुलदीप यादव (kuldeep yadav) के भी टीकाकरण की एक तस्वीर वायरल हुई है जिसे लेकर वो मुश्किल में फंस गए हैं.

वैक्सीन की पहली डोज लेने के बाद स्पिनर की बढ़ी मुसीबत

kuldeep yadav

दरअसल वैक्सीन लगवाने के बाद कुलदीप की मुसीबतें बढ़ गई हैं. इसके पीछे की वजह वीआईपी ट्रीटमेंट बताया जा रहा है. टीन के पहली डोज लेने के बाद क्रिकेटर ने एक तस्वीर साझा करते हुए फैंस से भी टीकाकरण के लिए अपील की थी. लेकिन, अब स्पिनर गेंदबाज ने खुद ही मुसीबत को न्योता दे दिया है.

बाएं हाथ के गेंदबाज कुलदीप यादव (kuldeep yadav) ने जो तस्वीर साझा की है , उसमें वो किसी अस्पताल के बजाय एक लॉन में टीका लगवाते हुए दिखाई दे रहे हैं. जिसे टीकाकरण संबंधी प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना जा रहा है. इस तस्वीर के सामने आने के बाद जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार को मामले की जांच कर जल्द ही रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं.

वीआईपी ट्रीटमेंट के बाद लोकर प्रशासन के हत्थे चढ़े भारतीय खिलाड़ी

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स्पिनर ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से एक तस्वीर पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा था कि, ‘जब भी मौका मिले तुरंत टीका लगवाएं. सुरक्षित रहें क्योंकि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होने की आवश्यकता है.’ इस तस्वीर के साझा करने के बाद वो इस तरह से प्रशासन के हत्थे चढ़ जाएंगे. शायद क्रिकेटर को इस बात का अंदाजा तक नहीं था.

कुलदीप यादव (kuldeep yadav) इस समय अपने घर कानपुर में हैं और अब प्रशासन की नजरों में चढ़े हुए हैं. कोविड वैक्सीन की पहली डोज लेने के बाद क्रिकेटर से जुड़ा विवाद बढ़ता जा रहा है. इस बारे में लोकल प्रशासन ने अपने बयान में बताया है कि, भारतीय स्पिनर ने वैक्सीन अपने गेस्ट हाउस पर मेडिकल अधिकारियों को बुलाकर लगाया. इसके लिए वो अस्पतला नहीं गए जहां उन्होंने रजिस्ट्रेशन करवाया था.

शनिवार को ली थी वैक्सीन की पहली डोज

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दरअसल कुलदीप यादव (kuldeep yadav) को कोरोना की पहली वैक्सीन शनिवार को लगी थी. इसी के बाद उन्होंने इससे जुड़ी जानकारी अपने ट्विटर हैंडल पर साझा की थी. उनकी इस तस्वीर को देखने के बाद कई लोग इस तरह के सवाल उठा रहे थे कि जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक को वैक्सीन अस्पताल में जाकर लगवानी पड़ी तो सिर्फ क्रिकेटर के लिए ये प्रोटोकॉल क्यों तोड़ा गया.