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भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर्स युजवेंद्र चहल व कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) की जोड़ी रविवार को एक लंबे वक्त बाद आर.प्रेमदासा स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए पहले एकदिवसीय मुकाबले में एक साथ मैदान पर उतरी। 2019 विश्व कप के बाद ये पहला मौका है, जब दोनों स्पिनर्स एक साथ खेलते नजर आए हैं। इनके करियर में महेंद्र सिंह धोनी के जाने के बाद बहुत गिरावट नजर आई है और आज इन स्पिनर्स को टीम में जगह पक्की करने के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।

2019 के बाद अब साथ खेल रही कुल्चा की जोड़ी

yuzvendra chahal-kuldeep yadav

टीम इंडिया के स्पिन गेंदबाज चाइनामैन गेंदबाज Kuldeep Yadav व युजवेंद्र चहल आज उस मोड़ पर आ चुके हैं कि उन्हें टीम में जगह बनाए रखने के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। जबकि एक वक्त ऐसा था कि कुल्चा की ये जोड़ी टीम के लिए मैच जिताया करती थी। तो अचानक ये बदलाव क्यों और कैसे हुआ?

कई बार इन दोनों ने इस बात को लेकर बयान दिया है कि जब महेंद्र सिंह धोनी विकेट के पीछे होते थे, तो उन्हें गेंदबाजी में काफी मदद मिलती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होता है। इतना ही नहीं दोनों के आंकड़ों में भी माही के जाने के बाद भारी गिरावट देखने को मिली है।आंकड़े भी कुछ ऐसी ही गवाही दे रहे हैं।

धोनी के जाने के बाद आई आंकड़ों में गिरावट

महेंद्र सिंह धोनी के रहते Kuldeep Yadav ने 47 मैचों में 22.52 के औसत व 4.86 की इकोनॉमी रेट के साथ 91 विकेट्स लिए। वहीं माही के जाने के बाद 14 मैचों में 62.85 के औसत व 6.28 की इकोनॉमी के साथ 14 विकेट ही चटका सके हैं। चहल के आंकड़े भी कुछ ऐसे ही हैं। जहां, धोनी के रहने पर उन्होंने 46 मैचों में 25.32 के औसत व 4.94 की इकोनॉमी रेट के साथ 81 विकेट चटकाए, तो वहीं उनके जाने के बाद 9 मैचों में 38.90 के औसत व 6.76 की इकोनॉमी के साथ 12 ही विकेट निकाल सके।

ये आंकड़े इस बात की साफ गवाही दे रहे हैं कि उनके लिए धोनी का जाना कितना बड़ा नुकसान है। अब यदि ये जोड़ी श्रीलंका दौरे पर अच्छा प्रदर्शन करती है, तो वह आगामी टी20 विश्व कप टीम में जगह की दावेदारी पेश कर सकते हैं। जबकि ये कहना गलत नहीं होगा की Kuldeep Yadav के लिए ये सीरीज ‘करो या मरो’ की स्थिति वाली है, क्योंकि वह पिछले कुछ वक्त से लय में नजर नहीं आए हैं।