विराट कोहली
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विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए पहले टेस्ट मैच में 227 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने ना केवल भारत को चल रही टेस्ट सीरीज में 0-1 से पीछे कर दिया है बल्कि आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी भारत का पहुंचना अब मुश्किल हो गया है।

अब यदि भारतीय क्रिकेट टीम को टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचना है, तो अब बचे हुए सीरीज के तीनों ही मैचों में जीत दर्ज करनी होगी। अब यदि इस बीच विराट कोहली की कप्तानी की बात करें, तो पिछले काफी वक्त से विराट कोहली की कप्तानी पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

उनके नेतृत्व में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक होता जा रहा है। ऐसे में दिग्गज खिलाड़ी व अनुभवी कप्तान होने के चलते विराट कोहली को खुद ही कप्तानी छोड़ देनी चाहिए। तो आइए इस आर्टिकल में आपको उन 3 कारणों के बारे में बताते हैं, जिसके चलते विराट को खुद ही कप्तानी से इस्तीफा दे देना चाहिए।

3 कारणों से विराट कोहली को छोड़ देनी चाहिए कप्तानी

1- तीनों फॉर्मेट की कप्तानी का दबाव बल्लेबाजी पर दिख रहा

विराट कोहली

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली 2014 से टेस्ट व 2017 से सीमित ओवर क्रिकेट की कप्तानी कर रहे हैं। इस बात में कोई शक नहीं है कि विराट ने खुद को अच्छा कप्तान साबित किया है, लेकिन अब उनकी कप्तानी का दबाव उनकी बल्लेबाजी पर भी नजर आने लगा है।

अपनी बड़ी-बड़ी पारियों के लिए मशहूर विराट कोहली के बल्ले से शतक आए लंबा वक्त बीत चुका है। 2019 के आखिर में उन्होंने बांग्लादेश के साथ खेले गए डे-नाइट टेस्ट में शतक लगाया था, उसके बाद से अब तक कोई बड़ी पारी नहीं आई है। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि कप्तान विराट कोहली पर अत्यधिक दबाव है, जिसे वह टेस्ट कप्तानी से इस्तीफा देकर हल्का कर सकते हैं।

विराट की पिछली 9 पारियों पर गौर करें, तो शतक के बाद उन्होंने क्रमश: 2, 19, 3, 14, 74, 4, 11, 72 रनों की पारी खेली है। इनमें आपको दो अर्धशतक नजर आ रहे होंगे, लेकिन विराट के कद के अनुसार ये पारियां कुछ खास नहीं हैं।

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