जोस बटलर

भारत-इंग्लैंड के बीच शुरू हो रही 5 फरवरी से टेस्ट सीरीज से पहले स्टार बल्लेबाज जोस बटलर ने बड़ा बयान दिया है. उनका मानना है कि, एलिस्टर कुक की मेजबानी वाली 2012 की टीम सबसे बड़ी टीम के रूप में एक रहेगी. जबकि जो रूट की की कप्तानी वाली टीम अब धीरे-धीरे उसके करीब तक पहुंच रही है. टीम के मौजूदा कप्तान रूट ने साल 2012 में नागपुर में हुए आखिरी टेस्ट मैच में अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया था.

जोस बटलर ने याद किया साल 2012 का दौरा

जोस बटलर

हाल ही में शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बातचीत करते हुए जोस बटलर ने कहा कि, जो रूट ने 2012 के दौरे पर डेब्यू किया था, और उस दौरान कई अच्छी यादें और सीख रही है, जिसने हमें कामयाबी में योगदान दिया. उस समय इंग्लैंड सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक गिनी जाती थी. इसके बाद जो रूट की कप्तानी वाली टीम के बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि,

‘यह टीम खेल के सिलसिले में एक अलग ही चरण पर है, लेकिन निश्चित तौर पर उसी दिशा की ओर बढ़ रही है. दुनिया की सबसे बड़ी टीम के खिलाफ उनकी सरजमीं पर चुनौती को स्वीकार करने का रोमांचक समय आ गया है.’

भारत में जीत के लिए पहली पारी में बनाने होंगे 600-650 रन: जोस बटलर

जोस बटलर

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोश बटलर ने आगामी सीरीज के बारे में बात करते हुए कहा कि,

‘यह स्थिति से तालमेल बैठाने के और उसी की मुताबिक खेलने का वक्त है. इंग्लैंड की गेंद सीम और स्विंग करती है. उदाहरण के तौर पर  पहली पारी में 300 रन का स्कोर बड़ा कहा जा सकता है, लेकिन यदि आप भारत में खेलने के लिए उतरते हैं, तो  पहले 2 दिन शानदार बल्लेबाजी विकेट पर खेलते हैं, अच्छा स्कोर 600-650 तक का कहा जा सकता है.’

जोस बटलर का मानना है कि भारत के खिलाफ इंग्लैंड के सभी खिलाड़ियों को उसी तरह से खेलना होगा जैसे उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ खेला था. उन्होंने इस बारे में बात करते हुए कहा कि,

‘जो रूट रन बनाने के मामले में बड़े उदाहरण हैं, जो हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ, दोहरा शतक जड़ने के साथ ही शतकीय पारी खेलकर इस सीरीज पर लौटे हैं. जो रूट ने अपनी बल्लेबाजी से यह साफ कर दिया है कि, मौके का फायदा हमेशा उठाना जरूरी होता है, और एक बड़ा लक्ष्य बनाने के लिए ऐसी बल्लेबाजी करनी पड़ती है.’

करूण नायर की पारी को याद कर जोस बटलर ने कही ये बात

जोस बटलर

इसके साथ ही जोस बटलरने उस दौरे को भी याद किया जब साल 2016 की टेस्ट सीरीज में भारत की टीम ने  पहली पारी में शानदार लक्ष्य के दम पर मैच को जीता था. उन्होंने आगे कहा कि,

‘जब हम 4-5 साल पहले चेन्नई में खेलने के लिए उतरे थे, तब हमने 470 रन बनाए थे और भारत ने करूण नायर के 300 रन की बदौलत 700 रन का बड़ा लक्ष्य खड़ा कर दिया था. ऐसे में यह बड़ी सीख है कि, भारत में बड़ी और पहली पारी के लिए किसी मानसिकता के साथ खेलने के लिए उतरना चाहिए.’