Sachin tendulkar record breaks joe root

इंग्लैंड क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट (Joe Root) के बल्ले से इन दिनों रनों का सैलाब रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में उन्होंने टेस्ट फॉर्मेट में 10 हजार रनों का आंकड़ा पार किया है। वे इस माइलस्टोन तक पहुँचने वाले सबसे युवा खिलाड़ी है, रूट की इस बड़ी उपलब्धि के बाद उनको खेल के सबसे लंबे प्रारूप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने भी इसकी वकालत की है।

Joe Root तोड़ सकते हैं सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड

END vs NZ 2022
END vs NZ: Joe Root

जो रूट (Joe Root) जनवरी 2021 के बाद से अबतक 10 शतक जड़ चुके हैं। साल 2021 की शुरुआत में रूट के खाते में सिर्फ 17 शतक थे। लेकिन अब टेस्ट फॉर्मेट में शतक के मामले में भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली और ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज स्टीव स्मिथ की बराबरी कर चुके हैं। विराट, स्टीव और रूट के खाते में 27 सेंचुरी हो चुकी है।

31 साल के जो रूट 10 हजार रनों का आंकड़ा प्राप्त करने के मामले में सबसे युवा है, जिसके बाद सुनील गावस्कर का मानना है कि वे सचिन का टेस्ट प्रारूप में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।

“यह एक अविश्वसनीय रिकॉर्ड है, क्योंकि हम लगभग 6000 रन के बारे में बात कर रहे हैं। जिसका मतलब है कि आपको वहां तक पहुँचने के लिए हर साल लगभग 800 से 1000 रन बनाने होंगे। जो रूट की उम्र उनके साथ है, वह निश्चित रूप से ये रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। अगर वे अपना उत्साह को बनाए रख सकता है और आगे खेलना जारी रख सकते हैं।”

क्रिकेट में कोई भी रिकॉर्ड तोड़ना असंभव नहीं – सुनील गावस्कर

Sunil Gavaskar Returned Unused Land in Mumbai

सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में 200 टेस्ट मैच खेलते हुए 15921 रन बनाये थे। जबकि जो रूट (Joe Root) फिलहाल 119 मैचों में 10194 रन बना चुके हैं। हाल ही में उन्होंने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ जारी सीरीज में 176 रनों की पारी खेली थी। इस शानदार फॉर्म के चलते वे तेंदुलकर के रिकॉर्ड के करीब पहुंच सकते हैं। सबसे पहले 10 हजार रनों का आंकड़ा छूने वाले सुनील गावस्कर का कहना है कि,

“खेल में कुछ भी संभव है, हमने पहले सोचा था कि रिचर्ड हेडली का 431 विकेट लेने का रिकॉर्ड कभी नहीं टूटेगा। फिर हमने वैसा ही, कोर्टनी वॉल्श के 519 विकेट के बारे में भी यही सोचा था। सचिन का रिकॉर्ड असंभव नहीं है लेकिन बहुत कठिन है।”