भारतीय क्रिकेट टीम के ऑल राउंडर युवराज सिंह का नाम एक बार फिर से चर्चा का अहम कारण बन गया हैं. चारों और इस बात को लेकर चर्चा की जा रही हैं, कि क्या अब वो समय आया गया हैं, जब युवराज सिंह को अपने करियर के बारे में जल्द से जल्द से फैसला लेना ही पड़ेंगा. क्रिकेट के बाजार में फिर से एक बार सिक्सर किंग युवराज सिंह की फॉर्म पर सवालियां निशान उठाये जाने लगे हैं. क्रिकेट के जानकारों का तो यहाँ तक मानना हैं, कि अगर टीम इंडिया को 2019 का विश्व कप जीतने का सपना देखना हैं, तो सबसे पहले अनफिट युवराज सिंह को टीम से बाहर करना पड़ेंगा.

फॉर्म नहीं हैं हक़ में 

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आप सभी की जानकारी के लिए बता दे, कि इसी साल लगभग साढ़े तीन साल के एक लम्बे अन्तराल के बाद युवराज सिंह की वनडे टीम में वापसी हुई थी. युवराज सिंह ने इंग्लैंड के खिलाफ जनवरी में हुई एकदिवसीय श्रृंखला से टीम इंडिया में वापसी की थी और उनका प्रदर्शन भी काबिले तारीफ रहा था. खासतौर पर कटक में खेली गयी उनकी 150 रनों की बेमिसाल पारी, तो आज भी खेल प्रेमियों में दिलों दिमाग में ताज़ा हैं. मगर इसके बाद ना जाने युवराज सिंह को क्या हो गया.

इंग्लैंड और वेल्स में हुई आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी हो या वेस्टइंडीज़ का दौरा युवराज सिंह का बल्ला पूरी तरह से शांत रहा. इससे पहले आईपीएल 10 में भी युवराज सिंह कोई कारनामा नहीं कर सके. चैंपियंस ट्रॉफी में युवराज सिंह के बल्ले से चार मैचों में कुल 105 रन निकले, तो वेस्टइंडीज़ के दौरे पर तो युवराज सिंह दौरे के सभी मैच भी नहीं खेल सके और तीन मैचों में उनके बल्ले से मात्र 57 रन ही निकले. आईपीएल 10 के दौरान भी युवराज सिंह का प्रदर्शन फीका ही रहा और वह 13 मैचों में 252 रन ही बना सके.

मध्यक्रम में चाहिए बल्लेबाज़ 

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युवराज सिंह के लगातार फ्लॉप होने से टीम इंडिया का मध्यक्रम लगातार कमजोर होता जा रहा हैं. मध्यक्रम में युवराज सिंह की जगह लेने के लिए एक नहीं, बल्कि तीन बड़े बड़े दावेदार एकदम तैयार बैठे हुए हैं. जी हाँ ! हम और किसी की नहीं, बल्कि सुरेश रैना, अजिंक्य रहाणे और मनीष पांडे की बात कर रहे हैं. हाल में ही वेस्टइंडीज़ दौरे पर अजिंक्य रहाणे ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का दिल जीता और ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज’ का ख़िताब भी जीता, लेकिन रहाणे तब एक सलामी बल्लेबाज़ के तौर पर टीम में रोहित शर्मा के स्थान पर खेले थे.

माग्र अब जब रोहित शर्मा टीम में वापस आ जायेंगे, तब अजिंक्य रहाणे का क्या होगा. वेस्टइंडीज़ दौरे पर टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने अपने दिए एक बयान में कहा था, कि ”अजिंक्य रहाणे एक काबिल खिलाड़ी हैं और आने वाले समय में वह टीम में मध्यक्रम में भी बड़ी पारियां खेल सकते हैं.” 

सिर्फ रहाणे ही नहीं, बल्कि सुरेश रैना के ऊपर भी एक बार फिर से चयनकर्ता अपना भरोसा दिखा सकते हैं. सुरेश रैना हमेशा फिट भी रहते हैं और बल्लेबाज़ी का अनुभव भी उनके पास लाजवाब हैं.

मनीष भी हैं तैयार

मनीष पांडे को भी चोटिल होने के कारण टीम इंडिया से बाहर होना पड़ा था, लेकिन अब मनीष पांडे एकदम फिट हैं और शानदार लय में भी हैं. मनीष पांडे की अगुवाई में ही इंडिया ए की टीम दक्षिण अफ्रीका में त्रिकोणीय श्रृंखला जीतने में कामयाब भी हुई हैं. त्रिकोणीय श्रृंखला के दौरान ही हमने देखा, कि मनीष पांडे एकदम जिम्मेदारी के साथ खेले और टीम को फाइनल तक पहुचाने और जीत दिलाने में अपनी एक बड़ी भूमिका भी निभाई.

मनीष पांडे के साथ साथ मध्यक्रम के लिए एक और बल्लेबाज़ श्रेयस अय्यर के रूप में भी तैयार हो रहा हैं. श्रेयस अय्यर ने इंडिया ए के लिए खेलते हुए दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ फाइनल मुकाबलें में जोरदार 140 रनों की नाबाद पारी खेली और इंडिया ए को श्रृंखला जीतने में एक बड़ा योगदान दिया. इससे एक बात अब साफ़ हो गयी हैं, कि अगर युवराज सिंह को आने वाले समय में टीम इंडिया में मौका मिलता हैं और वह मिलें मौके को बुना नहीं पाते हैं, तो उनका टीम इंडिया से पत्ता कटना बिलकुल साफ़ हैं.

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AKHIL GUPTA

क्रिकेट...क्रिकेट...क्रिकेट...इस नाम के अलावा मुझे और कुछ पता नहीं हैं. बस क्रिकेट...

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