celebrates with team mate Suresh Raina after taking the wicket of Younus Khan of Pakistan during the 2011 ICC World Cup second Semi-Final between India and Pakistan at Punjab Cricket Association (PCA) Stadium on March 30, 2011 in Mohali, India. (Photo by Daniel Berehulak/Getty Images)

भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका दौरे के लिए उड़ान भर चुकी हैं. आप सभी की जानकारी के लिए बता दे, कि श्रीलंका के दौरे पर भारतीय क्रिकेट टीम तीन टेस्ट, पांच एकदिवसीय और एकमात्र टी ट्वेंटी मैचों की श्रृंखला खेलती हुई नज़र आयेंगी. हम सभी जानते हैं, कि श्रीलंका में होने वाली इस अंतर्राष्ट्रीय श्रृंखला के साथ भारतीय क्रिकेट में एक नये युग की शुरुआत होगी. टीम इंडिया पहली बार रवि शास्त्री की कोचिंग में खेलती हुई दिखाई देंगी.

टेस्ट से होगी दौरे की शुरुआत 

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श्रीलंकाई दौरे की शुरुआत भारतीय क्रिकेट टीम विराट कोहली की अगुवाई में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के साथ करती हुई दिखाई देंगी. आप सभी को बता दे, कि दोनों देशों के बीच होने वाली तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला का पहला मुकाबला बुधवार, 26 जुलाई को गाले के मैदान पर खेला जायेंगा. जिसके लिए भारतीय टीम श्रीलंका पहुंच चुकी हैं और फ़िलहाल कोलोंबो में श्रीलंका बोर्ड एकादश के खिलाफ एकमात्र अभ्यास मैच खेल रही हैं.

तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के बाद भारत और श्रीलंका के बीच पांच वनडे और एकमात्र टी ट्वेंटी मैचों की सीरीज खेली जाएँगी. जहाँ दोनों टीमें आपस में मुकाबला करती हुई दिखेंगी. वनडे सीरीज शुरू होने से पहले एक बात की चर्चा लगातार की जा रही हैं, कि क्या वनडे सीरीज में भारतीय टीम में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेंगा. खासतौर पर क्या युवराज सिंह भारतीय टीम का हिस्सा होगे या नहीं? यह वाकई में बड़ा सवाल बना हुआ हैं और चर्चा का एक बड़ा मुद्दा भी हैं.

युवी हैं चोटिल 

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आप सभी के लिए बता दे, कि वेस्टइंडीज़ दौरे पर एकदिवसीय श्रृंखला के दौरान युवराज सिंह हैमस्ट्रिंग का शिकार हो गये थे और उसके बाद वो दौरे पर ना, तो वनडे सीरीज खेल पाए और ना ही एकमात्र टी ट्वेंटी मैच. इतना ही नहीं, एक लम्बे अर्से युवराज सिंह बहुत ही खराब फॉर्म से गुजरा रहे हैं. आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के पहले मैच को छोड़ दे, तो उसके बाद युवराज सिंह के प्रदर्शन में लगातार गिरावट आई हैं. आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से लेकर कैरीबियाई दौरे तक हर मैच में युवी का बल्ले खामोश रहा और बड़े स्कोर क तलाश में रहा.

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान युवराज सिंह के बल्ले से चार मैचों में मात्र 105 रन निकले. इस दौरान उनका औसत मात्र 35 और स्ट्राइक रेट भी 99.06 का रहा. वेस्टइंडीज़ के दौरे पर भी सिक्सर किंग युवराज सिंहरम को तलाशते हुए नज़र आये. दौरे पर युवराज सिंह ने मात्र तीन मैच खेले और उनके बल्ले से 19 की साधारण औसत से मात्र 57 रन निकले.

रैना हैं फॉर्म में 

 

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बात अगर सुरेश रैना की करे, तो सुरेश रैना ने लगभग दो साल पहले भारतीय टीम के लिए कोई वनडे मैच खेला था और उसके बाद से ही सुरेश रैना टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं. मगर पिछले कुछ समय से सुरेश रैना का प्रदर्शन बहुत बढ़िया रहा हैं. आईपीएल 10 में भी सुरेश रैना बल्ला खूब चला था. हाँ ! वो अलग बात हैं, कि उनकी कप्तानी में गुजरात लायंस अंक तालिका में सबसे निचे सातवे स्थान पर रही हो, लेकिन रैना की बल्लेबाज़ी ने खूब वाहवाही बटौरी थी.

आईपीएल 2017 के दौरान सुरेश रैना के बल्ले से 14 मैचों में 144 के बेहद ही शानदार स्ट्राइक रेट के साथ 442 रन निकले थे. मगर इसके बाद भी सुरेश रैना को टीम से बाहर रखा गया और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की टीम में भी उनको नहीं चुना गया. अब जब युवराज सिंह एक लम्बे समय से आउट ऑफ़ फॉर्म चल रहे हैं, तो ऐसे में मध्यक्रम को मजबुत बनाने के लिए भारतीय चयनकर्ताओं के पास सुरेश रैना को आजमाने के सिवाए और कोई चारा भी नहीं हैं.

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