आईपीएल ने टी 20 क्रिकेट को एक नया रूप दिया. आईपीएल में खिलाड़ियों के नीलामी पर बड़ी बोली लगती हैं. लेकिन इसके बाद खिलाड़ी अपने फ्रेंचाइजी के उम्मीद पर कभी भी खड़े नहीं उतरे. आज से ग्यारह साल पहले यह नीलामी आश्चर्यजनक नहीं था.आईपीएल के शुरुआती सीज़न से पहले, प्रत्येक टीम को अंडर -19 विश्व कप विजेता टीम से दो खिलाड़ियों को चुनने का विकल्प दिया गया था. इसमें सबसे गलत फैसलों में दिल्ली डेयरडेविल्स (दिल्ली कैपिटल्स) सबसे आगे है.

# 1. विराट कोहली 

 

आईपीएल में खिलाड़ियों के चयन का मौका सबसे पहले दिल्ली को मिला. उसने लेफ्ट आर्म पेसर प्रदीप सांगवान को चुना. वहीं बैंगलोर फ्रैंचाइज़ी ने विराट कोहली को अपनी पहली पिक के रूप में चुना. क्योंकि प्रदीप सांगवान के पास पहले से ही रणजी क्रिकेट का अनुभव था वहीं विराट कोहली सिर्फ एक धमाकेदार बल्लेबाज थे. अब आईपीएल का 12वां साल चल रहा है और विराट कोहली दुनिया के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक बन चुकें हैं. विराट कोहली अभी आईपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं.

# 2.  मशरफे मुर्तजा

2009 आईपीएल सीजन 2 के ऑक्शन में एक मौका ऐसा भी आया जब बॉलीवुड की दो ग्लैमरस सेलेब्रिटी एक खिलाड़ी के लिए आमने सामने थीं. किंग्स इलेवन पंजाब की प्रीति जिंटा और कोलकाता नाइटराइडर्स  की जूही चावला. दोनों के बीच बांग्लादेशी ऑलराउंडर मशरफे मुर्तजा की बोली 50,000$ के बेस प्राइस से शुरू हुई, लेकिन 20 मिनट बाद जब ये ख़त्म हुई तो इनका (मशरफे मुर्तजा) प्राइस 600,000$ हो चूका था. जो उनके बेस वैल्यू का 12 गुना था. केकेआर के लिए उस सीज़न में मुर्तज़ा फायदेमंद साबित नहीं हुए.उन्होंने सिर्फ एक मैच खेल खेला, जिसमें दो रन बनाए और 58 रन दिए, इसके बाद उन्होंने आईपीएल में कभी कोई मैच नहीं खेला.

# 3. एबी डिविलियर्स 

एबी डिविलियर्स एक ऐसे खिलाड़ी जो मैदान पर अपने बल्लेबाजी और फील्डिंग से सबसे आलग दिखते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं की शुरू के तीन आईपीएल सीजन में ये रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के टीम का हिस्सा नहीं रहे थे. एबी डिविलियर्स जब दिल्ली कैपिटल्स की टीम में केवल 31 के औसत से रन बनाये. लेकिन डिविलियर्स फ्रेंचाइजी को पसंद नहीं आये और उसके बाद डिविलियर्स रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम से जुड़े. जिसके बाद इनका औसत 42 का हो गया और 150 से ज्यादा का स्ट्राइक रेट रहा.

# 4. क्रिस गेल

क्रिस गेल आईपीएल हो या कोई भी टी 20 लीग, क्रिस गेल के बारे में कुछ भी कहना कम ही होगा. 2 साल केकेआर के लिए खेलने वाले गेल को जब केकेआर ने रिटेन नहीं किया तो रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर  के लिए उन्होंने कलाम का प्रदर्शन किया. वहीं जब 2018 में आरसीबी ने उन्हें रिटेन नहीं किया तो पंजाब ने उन्हें अपनी टीम में लिया. और उन्होंने दूसरी बार साबित कर दिया की उनको छोड़ना टीमों की कितनी बड़ी गलती थी.

# 5. युवराज सिंह 

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