IPL Media Rights

IPL 2022: आईपीएल के नए मीडिया राइट्स को लेकर काफी दिनों से BCCI टालमटोल कर रहा था. जिस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. आईपीएल 2022 की शुरुआत की 26 मार्च से हो रही है. बीसीसीआई 2023 से 2027 बीसीसीआई अगले हफ्ते  (2023-2027) के लिए आईपीएल मीडिया राइट्स टेंडर लॉन्च करने के लिए तैयार था, लेकिन अब बोर्ड को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. वहीं कोर्ट को इस फैसले पर आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी ने खुशी जताई है.

IPL 2022: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनाया अपना फैसला

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने उस आर्बिट्रल आदेश को खारिज कर दिया है. आर्बिट्रल आदेश में बीसीसीआई वर्ल्ड स्पोर्ट ग्रुप, इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मीडिया अधिकारों को रद्द करने को बरकरार रखा गया था, लेकिन कोर्ट ने वर्ल्ड स्पोर्ट ग्रुप, इंडिया पक्ष में अपना फैसला सुनाया.

कोर्ट ने इस फैसले को सुनाते वक्त कारण बताया कि पहले फैसले में काफी गलतिया थीं. यह मामला आईपीएल के शुरुआती सालों से मीडिया राइट्स की मध्‍यस्‍थता के फैसले से जुड़ा हुआ है. जो काफी सालों से लटका रहा है. वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप इंडिया के साथ आईपीएल के मीडिया राइट्स का सौदा बीसीसीआई ने साल 2009 में रद्द कर दिया था. जिसके बाद वर्ल्ड स्पोर्ट ने ग्रुप हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के बाद वर्ल्ड स्पोर्ट ग्रुप ने राहत की सांस ली होगी.

कोर्ट के इस फैसले से खुश हैं ललित मोदी

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कोर्ट के इस फैसले के बाद आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी (Lalit Modi) मीडिया बेवसाइट से बातचीत करते हुए अपना पक्ष रखा है. ललित मोदी ने BCCI को उनकी गलत नीतियों के लिए जिम्मेदार ठहराया है. उन्होने कड़ी मेहनत के बाद आईपीएल जैसे टूर्नामेंट को खड़ा किया और BCCI ने उन्हें ही दोषी बना दिया. ललित मोदी ने आगे कहा कि

‘मैंने अकेले आईपीएल को बनाया. मैं परवाह नहीं करता लेकिन बीसीसीआई ने मुझ पर आजीवन बैन लगा दिया. मैंने आर्थिक मंदी को मोदी प्रूफ बना दिया था. मेरे शब्द याद रखिए कि यह भारत से एक ग्लोबल शोपीस होगा. यह पूरी दुनिया में मनोरंजन का बड़ा जरिया होगा. और मैंने मेरे देश के लिए इसे टीवी पर फ्री देखने के लिए ऐसा किया. दुख की बात है कि मेरी बनाई चीज पर जीने वाले लोग मेरी छाया से इतने डरे हुए हैं कि उन्होंने मेरे बच्चों के टिकट खरीदकर जाने पर भी रोक लगा रखी है. केवल एक सवाल है कि मीडिया क्या कहेगा- भगौड़ा? कोशिश कर लीजिए. अब मैं सब पर ब्रिटेन में केस करूंगा. फिर मजे देखिएगा.’

आखिर मामला क्या है?

इस मामले को समझने के लिए 12 साल पिछे जाना पड़ेगा. साल 2008 में वर्ल्ड स्पोर्ट ग्रुप, इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 10 साल के मीडिया राइट्स खरीदे. वर्ल्ड स्पोर्ट ग्रुप ने ये अधिकार भारतीय उपमहाद्वीप से बाहर ले जाने के लिए खरीदे थे. लेकिन बीसीसीआई (BCCI) ने एक साल बाद ही यानी 2009 में आईपीएल मीडिया राइट्स को कैंसिल कर दिया. इस मामले पर बीसीसीआई ने सफाई देते हुए कहा था कि  2009 के सभी समझौतों में धोखाधड़ी देखने को मिली थी.

वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप (मॉरिशस) और मल्टी स्क्रीन मीडिया सेटेलाइट (सिंगापुर) पता लगने के बाद समझौता खत्म कर दिया. बीसीसीआई-वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप इंडिया-मल्टी स्क्रीन मीडिया के समझौते में था. लेकिन इस बारे में बीसीसीआई को नही पता था इस बारे में केवल ललित मोदी को ही पता था. जिसके चलते बीसीसीआई ने साल 2008 में वर्ल्ड स्पोर्ट ग्रुप के साथ हुए समझौते के मीडिया अधिकारों को रद्द कर दिया गया. वहीं दूसरी वर्ल्ड स्पोर्ट ग्रुप ने कहा कि इस समझौते के चलते  बीसीसीआई को 1791 करोड़ रुपये की कमाई हुई.