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IPL 2021 के सेकेंड हाफ का आयोजन यूएई में 19 सितंबर से होने वाला है। इस बात का ऐलान बीसीसीआई ने आधिकारिक तौर पर पहले ही कर दिया है। मगर लंबे वक्त से एक सवाल घूम रहा है कि क्या सेकेंड हाफ में विदेशी खिलाड़ी हिस्सा लेंगे? वहीं बीसीसीआई कुछ वक्त पहले ये साफ कर चुका है कि विदेशी खिलाड़ी आए या ना आएं, टूर्नामेंट को पूरा किया जाएगा। मगर इस बीच आईपीएल फैंस के लिए एक खुशखबरी सामने आई है।

क्रिकेट वेस्टइंडीज सहयोग के लिए तैयार

IPL 2021

IPL 2021 में वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों का भी टूर्नामेंट में हिस्सा लेना मुश्किल लग रहा था क्योंकि उस दौरान कैरेबियाई खिलाड़ी सीपीएल खेल रहे होंगे। मगर अब क्रिकेट वेस्टइंडीज के अध्यक्ष रिकी स्केरिट के एक बयान से ये साफ होता है कि वेस्टइंडीज के खिलाड़ी अब बचे हुए 31 मैचों में यूएई पहुंचकर आईपीएल में हिस्सा लेंगे। CWI के अध्यक्ष रिकी स्केरिट ने ESPNcricinfo को बताया,

 “सीडब्ल्यू आई का काम टूर्नामेंट्स को इस तरह से आयोजित करना है, कि एक टूर्नामेंट से दूसरे में जाने में कोई समस्या ना हो और कोई दो टूर्नामेंट आपस में ना टकराएं। क्रिकेट प्रशासकों को सहयोग करना चाहिए यदि क्रिकेट को COVID-19 के जोखिमों और लागतों से बचना है।”

ECB और CA से बीसीसीआई कर रही बातचीत

IPL 2021 के यूएई लेग में विदेशी खिलाड़ियों के आने पर संदेह है, खासकर इंग्लैंड व ऑस्ट्रेलिया। दरअसल, इन दोनों देशों से कई खिलाड़ी आईपीएल का हिस्सा हैं, लेकिन वह टूर्नामेंट का सेकेंड हाफ मिस कर सकते हैं। इसका कारण है कि इन टीमों को अंतरराष्ट्रीय दौरों पर जाना है। इसके अलावा इंग्लैंड ‘द हंड्रेड’ टूर्नामेंट की भी मेजबानी करने के लिए तैयार है, जो 21 जुलाई से शुरू हो रहा है।

अगर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी बचे हुए 31 मैचों को मिस करते हैं, तो बीसीसीआई के पास बैकअप है और वह बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसी छोटी टीमों के साथ भी बात करने की कोशिश कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि आईपीएल विंडो के दौरान साउथ अफ्रीका की कोई निर्धारित सीरीज नहीं है।

सभी खिलाड़ियों को कराना होगा वैक्सिनेट

IPL 2021

बीसीसीआई ने IPL 2021 के बचे हुए 31 मैचों के लिए विंडो व वेव्यू तो फाइनल कर लिया। लेकिन अभी भी बोर्ड के सामने कई चुनौती है। ना केवल विदेशी खिलाड़ियों को टूर्नामेंट में शामिल करने के लिए उनके बोर्ड्स को मनाने की, बल्कि एक लॉजिस्टिक समस्या भी इस वक्त बीसीसीआई की सिरदर्दी होगी।

दरअसल, यूएई पहुंचने से पहले बीसीआई को सभी खिलाड़ियों व ब्रॉडकास्टर्स को वैक्सिनेट कराना होगा। साथ ही उन्हें भारत, वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के खिलाड़ियों के लिए चार्टर फ्लाइट की व्यवस्था करनी होगी।