आईपीएल

आईपीएल 2021 को लेकर तैयारियां जोरो पर हैं, और एक बार फिर मुशफिकुर रहीम चर्चाओं में हैं. इस बीच नीलामी को लेकर भी खबरें तेजी से आ रही हैं. दरअसल 18 फरवरी को इस सीजन का मिनी ऑक्शन आयोजित किया जाना है, लेकिन उससे पहले ही नीलामी के लिए 1097 खिलाड़ियों ने अपना नाम रजिस्टर करवा दिया है. लेकिन कुछ खिलाड़ी इस बार ऑक्शन में नहीं दिखेंगे.

मुशफिकुर रहीम ने आईपीएल 2021 से पहले लोगों को चौंकाया

आईपीएल

नीलामी से पहले फ्रेंचाइजियो ने अपने रिटेन और रिलीज खिलाड़ियों की लिस्ट जारी कर दी है. लेकिन नीलामी से पहले बांग्लादेश के दिग्गज विकेटककीपर बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने एक बड़ा फैसला लिया है. बीते 13 सालों से यह खिलाड़ी लगातार आईपीएल में ऑक्शन के लिए अपना नाम देते आए हैं.

इंडियन प्रीमियर लीग एक ऐसा टूर्नामेंट है, जिसमें बड़े से बड़े दिग्गज भी अपना नाम नीलामी में देते हैं. लेकिन कई बार कुछ खिलाड़ियों का हुनर फ्रेंचाइजियां या तो नजरअंदाज कर देती हैं, या फिर उन्हें ऐसे प्लेयर पर विश्वास नहीं होता है, इसमें रहीम का नाम लें, तो कुछ गलत नहीं होगा.

मुशफिकुर रहीम ने आईपीएल 2021 नीलामी से पहले लिया बड़ा फैसला

आईपीएल 2021

मुशफिकुर रहीम ने बांग्लादेश के लिए तीनों फॉर्मेट के मैच खेले हैं. साथ ही उनका रन रेट और बल्लेबाजी औसत भी काफी बेहतरीन रहा है. लेकिन 13 साल तक नीलामी में नाम देने  के बाद भी वह नीलामी में किसी भी टीम का हिस्सा नहीं बन सके. क्योंकि किसी भी फ्रेंचाइजी ने उन्हें खरीदा ही नहीं.

आईपीएल से जुड़ी किसी भी टीम ने उन पर भरोसा नहीं जताया. हालांकि बीते 13 सालों से अनसोल्ड रहने के बाद उन्होंने इस बार इंडियन प्रीमियर लीग के लिए हो रहे रजिस्ट्रेशन से पहले ही ऑक्शन में अपना नाम देने को लेकर बड़ा फैसला किया है.

आईपीएल 2021 की नीलामी से मुशफिकुर रहीम ने वापस लिया नाम

आईपीएल

दरअसल ऑक्शन में मुशफिकुर रहीम ने अपना नाम इस बार रजिस्टर ही नहीं करवाया है. इसके पीछे की वजह यह बताई जा रही है कि, वो बीते 13 सालों से वो अनसोल्ड हो रहे है. उन्होंने अब तक बांग्लादेश के लिए 12000 से ज्यादा रन बना चुके हैं.

रहीम ने 71 टेस्ट में 4469 तो वहीं 221 वनडे मैच खेलते हुए 6266 रन और टी-20 फॉर्मेट में उन्होंने 1282 रन बना चुके हैं. बांग्लादेश के खिलाड़ी रहीम काफी ज्यादा अनुभवी हैं. लेकिन लगातार आईपीएल 2021 की नीलामी में लंबे सालों से रिजेक्ट होने के बाद उनमें इस टूर्नामेंट में खेलने का उत्साह खत्म हो गया है और उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया है.