भारत में आइपीएल को शुरू हुए 10 साल बीत चुके हैं। देखते ही देखते ये देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में करोड़ों लोग के दिल की धड़कन बना चुका है। पूरे एक साले के इंतजार के बाद एक बार फिर आइपीएल का मंच गुलजार है। सभी टीमें जीत के लिए लालायित हैं। 2008 से शुरू हुए आइपीएल में जीत के लिए हर साल कांटे की टक्कर देखने को मिलती है। लेकिन पिछले 10 साल में कुछ टीमें ही आइपीएल की जीत का स्वाद चखती आ रही हैं। आइपीएल जीतने वाली मुंबई, चेन्नई, कोलकाता की हैदराबाद की टीमें हैं। इनके अलावा अन्य टीमें आज भी आइपीएल जीतने को तरस रही हैं।

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर

बदकिस्मती के मामले में आरसीबी पहले स्थान पर बना हुआ है। पहले सीजन से दर्शकों में आरसीबी के प्रति क्रेज कुछ ज्यादा ही रहता है। आरसीबी का प्रदर्शन भी हर सीजन में अच्छा रहा है। इस टीम में सबसे बड़ा आकर्षण का कारण भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली हैं। विराट कोहली के करोड़ों दिवाने हैं.. फैंस की दीवानगी आइपीएल के मैचों के बीच देखनो को भी मिलती रही है। लेकिन अफसोस इस बात का है कि आरसीबी आज तक एक भी आइपीएल खिताब नहीं जीत सकी है। अरसीबी ही ऐसी टीम है जिसने पांच बार प्लेऑफ में जगह बनाई है। प्लेऑफ में जाने के बावजूद आरसीबी आज तक आइपीएल खिताब के लिए तरस रही है। आइपीएल के सातवें सीजन में आरसीबी आइपीएल खिताब जीतने से कुछ कदम ही पीछे रह गई थी। इस सीजन में भी आरसीबी के कप्तान विराट कोहली ही हैं।

दिल्ली डेयरडेविल्स

दिल्ली डेयरडेविल्स भी आइपीएल के हर सीजन का अहम हिस्सा रही है। डेयरडेविल्स की टीम में कई दिग्गज क्रिकेटर शामिल हो चुके हैं। डेयरडेविल्स ने युवा क्रिकेटर्स पर भी दाव खेला है। संजू सैमसन, ऋषभ पंत, श्रेयस अय्यर, आदित्य तरे और नवदीप सैनी जैसे युवा क्रिकेटर डेयरडेविल्स के लिए खेलते हुए क्रिकेट जगत में अपनी पहचान बना चुके हैं। तीन बार प्लेऑफ खेलने के बावजूद डेयरडेविल्स भी आइपीएल की एक भी ट्रॉफी नहीं जीत सकी है। इस बार डेयर डेविल्स की बागडोर गौतम गंभीर के हाथों में हैं। बता दें कि गंभीर की कप्तानी में केकेआर दो बार आइपीएल विजेता बन चुकी है। इस बार गौतम गंभीर की दिल्ली वापसी हुई है। गौतम गंभीर के डेयरडेविल्स में शामिल होने के बाद देखना होगा कि उनकी किस्मत डेयरडेविल्स के काम आती है या नहीं।

किंग्स इलेवन पंजाब

आइपीएल के दौरान किंग्स इलेवन पंजाब की सहमालकिन एक्ट्रेस प्रीति जिंटा का उत्साह देखते बनता है। वे अपने खिलाड़ियों में हमेशा जोश भरती रहती हैं। लेकिन टीम और प्रीति जिंटा की मेहनत अभी तक मुकाम तक नहीं पहुंच पाई है। किंग्स इलेवन पंजाब के खाते में भी अभी तक आइपीएल की जीत नसीब नहीं हुई है। दो बार प्लेऑफ और एक बार फाइनल खेल चुकी किंग्स इलेवन पंजाब इस बार भी आइपीएल जीत के लिए संघर्ष करती दिखेगी। 2014 में खेले गए आइपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब का फाइनल में कोलकाता नाइट राइडर्स से सामना हुआ था। इस फाइनल मैच में किंग्स इलेवन को हार मिली थी।

राइजिंग पुणे सुपरजायंट

राइजिंग पुणे सुपरजायंट आइपीएल के दो सीजन ही खेल पाई है। 2016 में आईपीएल में आने वाली ये टीम भी अच्छा प्रदर्शन कर चुकी है। पिछले सीजन में टीम के सभी खिलाडि़यों की जीतोड़ मेहनत देखने को मिली थी। स्टीवन स्मिथ की कप्तानी में पुणे टीम ने पहली बार प्लेऑफ और फिर फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल मैच में पुणे सुपर जायंत को एक रन से हार का सामना करना पड़ा था। यह मैच मुंबई इंडियंस ने जीता था।

गुजरात लायंस

पुणे सुपरजायंट की ही तरह गुजरात लायंस ने भी आईपीएल के दो सीजन खेले हैं। ये टीम भी जीत के मामले में बदकिस्मती का शिकार रही है। सुरेश रैना की कप्तानी में नौवें सीजन में लायंस ने शानदार प्रदर्शन कर सभी को चौंका दिया था। लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए गुजरात टीम ने प्लेऑफ में जगह बनाई थी। हालांकि टीम क्वालियफायर और फिर एलिमिनेटर में लगातार हारकर खिताबी दौड़ से बाहर हो गई थी।

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