आईपीएल 2018 के पहले मैच में मुंबई इंडियंस और चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स के बीच खेला गया उद्घाटन मैच रोमांच से भरपूर रहा। कांटे की टक्कर में चेन्‍नई ने एक विकेट से जीत हासिल की और मुंबई को हार का सामना करना पड़ा। आइए आपको बताते हैं मुंबई की हार और चेन्नई की जीत के पीछे क्या महत्वपूर्ण कारण रहे..

ड्वेन ब्रावो की आतिशी पारी

चेन्नई की जीत के हीरो 30 गेंदों में तीन चौके और सात छक्कों की मदद से 68 रनों की पारी खेलने वाले ड्वेन ब्रावो रहे। चेन्नई की ओर से ब्रावो के अलावा कोई भी खिलाड़ी बैट से ज्यादा रन नहीं बटोर सका।

एक समय ऐसा भी लग रहा था कि चेन्नई की हार तय है। लेकिन ब्रावो ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोर चेन्नई को जीत के करीब पहुंचा दिया।

मुंबई इंडियंस की खराब शुरुआत

मुंबई की शुरुआत अच्छी नहीं थी। दीपक चाहर ने इविन लुईस को तीसरे ओवर की पहली गेंद पर सात के कुल स्कोर पर एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया था। कप्तान रोहित शर्मा भी अपनी टीम को मात्र 15 रनों का योगदान दे पाए। मुंबई इंडियंस को अच्छी शुरुआत मिली होती तो चेन्नई सुपर किंग्स के लिए जीत और मुश्किल हो जाती।

रोहित शर्मा और इविन लुईस ने तेज पारी खेली होती तो 166 का लक्ष्य और बड़ा हो सकता था। जो कि चेन्नई कभी भी हासिल नहीं कर पाती।

केदार जाधव का संघर्ष

चोट लगने के बावजूद केदार जाधव ने टीम के लिए अहम पारी खेली। जाधव न होते तो ब्रावो की मेहनत जाया जा सकती थी। 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर ब्रावो ने अपना विकेट गंवा दिया था। ब्रावो जब आउट हुए तब चेन्नई को एक ओवर में सात रनों की जरूरत थी। ऐसे में मांसपेशियों में खिंचाव के कारण 13वें ओवर की पांचवीं गेंद पर मैदान से बाहर गए जाधव ने वापसी की और आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर छक्का और फिर पांचवीं गेंद पर चौका मार चेन्नई को जीत दिलाई।

शेन वॉटसन ने तोड़ी मुंबई इंडियंस की कमर

मंबई की हार और चेन्नई की जीत में शेन वॉटसन की गेंदबाजी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। वॉटसन ने रोहित शर्मा का अहम विकेट झटका। रोहित शर्मा अगर टिक जाते तो अपनी टीम को बड़े स्कोर तक ले जा सकते थे। वॉटसन ने रोहित को अंबाती रायुडू के हाथों 20 के कुल स्कोर पर कैच कराया। इसके बाद सूर्यकुमार यादव ने ईशान किशन के साथ मिलकर मुंबई की पारी को संभाला और स्कोर 98 तक पहुंचा दिया।

इन दोनों की पारी को तोड़ना जरूरी हो गया था। ऐसे समय में वॉटसन का अनुभव काम आया। गेंदबाजी मिलते ही वॉटसन ने सूर्य कुमार को हरभजन सिंह के हाथों कैच कराया। ईशान और सूर्य कुमार की जोड़ी को तोड़कर वॉटसन ने मुंबई की कमर तोड़ दी थी। ऐसा नहीं होता तो खेल का रुख कुछ और ही होता।

कप्तान रोहित शर्मा की खराब बल्लेबाजी

मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा सीम लेती गेंदों के सामने एक बार फिर लाचार नजर आए। 10 गेंद खेल लेने के बाद भी उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास देखने को नहीं मिल रहा था।

आखिरकार शेन वॉटसन ने उन्हें चलता किया। वॉटसन ने उन्हें अंबाती रायुडू के हाथों कैच आउट करा दिया। रोहित अगर संभल कर 10 ओवर भी खेल लेते तो अंजाम कुछ और ही हो सकता था।