Kohli Team India PTI

क्रिकेट के दुनिया में इस समय का खेल देखें तो भारतीय टीम बहुत अच्छी नजर आ रही है. पिछले कुछ समय से वो विदेशो में जाकर भी बहुत अच्छा प्रदर्शन करती हुई भी नजर आ रही है. जिसके लिए कप्तान विराट कोहली की टीम को हर जगह तारीफ भी मिल रही है.

भारतीय टीम ने भले ही सफलता हासिल किया हो. लेकिन इस बीच कोई भी आईसीसी ट्रॉफी अपने नाम नहीं किया है. जो इस टीम पर बड़ा सवाल बनता जा रहा है. हालाँकि बड़े टूर्नामेंट में फेल होने की वजह इस टीम में मौजूद कुछ कमियां हैं. जो अब नजर आने लगी है.

आज हम आपको उन 5 कमियां के बारें में बताएँगे. जो भारतीय टीम में इस समय मौजूद हैं. भारतीय कप्तान विराट कोहली को इसपर बहुत ज्यादा काम करना पड़ेगा. जिसके बाद ही वो आईसीसी ट्रॉफी जीतने में सफल हो सकते हैं. कुछ कमियों पर हालाँकि काम चल रहा है.

1. मध्यक्रम का मजबूत ना होना

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युवराज सिंह और सुरेश रैना जैसे दिग्गजों के जाने के बाद से भारतीय टीम का मध्यक्रम बहुत कमजोर नजर आता है. रोहित शर्मा, विराट कोहली और शिखर धवन पर ये टीम बहुत ज्यादा निर्भर नजर आती है. यदि वो फेल हो गये तो फिर बहुत कम समय ही भारत के जीतने की उम्मीद होती है.

जिसका नतीजा ही भारतीय टीम को विश्व कप 2019 में देखने को मिला था. ऐसा पिछले कुछ सालों से चल रहा है. अब महेंद्र सिंह धोनी के गैरमौजूदगी में इसकी कमियां और सामने आ रही है. जो कप्तान विराट कोहली के लिए और मुश्किले बढ़ाना वाला ही है.

मध्यक्रम को मजबूत करने के लिए कुछ कदम हालाँकि पिछले समय में भारतीय टीम मैनेजमेंट ने उठाए हैं. जिसके कारण ही नंबर 4 पर श्रेयस अय्यर और नंबर 5 पर केएल राहुल को खेलने का मौका दिया जा रहा है. हालाँकि इस जोड़ी को अभी और समय देना होगा.

2. डेथ ओवरों में गेंदबाजो के विकल्प की कमी

चेतन शर्मा

जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार की जोड़ी एक समय में भारतीय टीम के लिए मध्यक्रम सँभालने का काम कर रही थी. लेकिन भुवनेश्वर कुमार जब से फिटनेस के कारण टीम से बाहर गये हैं. कोई उनका विकल्प नहीं नजर आ रहा है. जो बड़ी समस्या भी बन गया है.

बुमराह आज के समय में अकेले ऐसे गेंदबाज नजर आते हैं. जो डेथ ओवरों में सफलता के साथ गेंदबाजी कर सकते हैं. नवदीप सिंह, दीपक चाहर, मोहम्मद शमी और शार्दुल ठाकुर भी गेंदबाजी करते हैं. लेकिन डेथ ओवरों में ये गेंदबाज बहुत ज्यादा सफल नहीं रहे हैं.

डेथ ओवरों में अब भारतीय टीम को कुछ ऐसे गेंदबाजो की जरुरत है. जो बल्लेबाजों को परेशान कर सके. विकेट लेने के साथ उस समय रन रोकने में भी सफल रहे. जिससे विपक्षी टीम को कम स्कोर पर रोका जा सके. जो भारतीय टीम के लिए बेहतर होगा.

3. टीम में फिनिशर की कमी

खिलाड़ी

मौजूदा भारतीय टीम की तरफ देखें तो सबसे बड़ी कमी नजर आती है. वो कमी है फिनिशर बल्लेबाज की. दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी के जाने के बाद से ये कमी और बढ़ गयी है. अब हार्दिक पंड्या के फिटनेस को लेकर भी सवाल बना रहता है. जिससे समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है.

पारी के अंत अब हर टीम ऐसे दो बल्लेबाजों की मांग करती है. जो आकर पहली गेंद से ही बड़ा शॉट खेल सके. जिससे डेथ ओवरों में तेजी से रन बनाया जा सके. हालाँकि अब इस मुश्किल का समाधान भारतीय टीम को मिल नहीं पाया है. रविन्द्र जडेजा से इसकी उम्मीद करना मुश्किल है.

मनीष पांडे को हालाँकि ये भूमिका दी गयी थी. लेकिन वो कलात्मक शॉट खेलते हुए नजर आते हैं. जबकि उस समय आक्रामक अंदाज के बल्लेबाज की जरुरत है. जो पहली गेंद से ही गेंदबाज पर दवाब बना सके. जो टीम को बेहतर बना सके.

4. हार्दिक पंड्या का विकल्प मौजूद नहीं

हार्दिक पांड्या

तेज गेंदबाजी आलराउंडर के टीम में मौजूद होने से प्लेइंग इलेवन को संतुलित होने में मिलता है. भारतीय टीम में तेज गेंदबाजी आलराउंडर के रूप में हार्दिक पंड्या मौजूद हैं. लेकिन फिलहाल पिछले कुछ महीनो से उनका फिटनेस को लेकर समस्या चल रही है.

हार्दिक पंड्या का विकल्प भारतीय टीम में मौजूद नहीं नजर आ रहा है. हालाँकि शिवम दूबे और विजय शंकर को उनके विकल्प के रूप में शामिल किया गया है. लेकिन वो भारतीय टीम के उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पायें हैं. जो एक बहुत बड़ा झटका लग रहा है.

पंड्या का विकल्प यदि जल्द भारतीय टीम के पास नहीं हुआ तो प्लेइंग इलेवन में संतुलन लाना बहुत मुश्किल होगा. हालाँकि उसके अलावा उन्हें उम्मीद होगी की अब हार्दिक पंड्या बेहतर फिटनेस के साथ भारतीय टीम में वापसी करते हुए नजर आयेंगे.

5. फील्डिंग का स्तर गिरा

South Africa India Cricket

एक समय ऐसा भी था. जब भारतीय टीम के पास प्लेइंग इलेवन में 6 से 7 बहुत ही शानदार स्तर के फील्डर मौजूद थे. लेकिन अब फिटनेस बेहतर होने के बाद भी फील्डिंग का स्तर बहुत नीचे आया है. जो एक बड़ा सवाल बनता जा रहा है.

रविन्द्र जडेजा और विराट कोहली को छोड़ दें तो बहुत बड़े स्तर के फील्डर अब बहुत ही कम नजर आते हैं. जो टीम के लिए बहुत बड़ी समस्या है. हालाँकि हार्दिक पंड्या और मनीष पांडे भी अच्छे फील्डर नजर आते हैं. उसके अलावा कोई और बहुत अच्छे फील्डर नजर नहीं आते हैं.

अब भारतीय कप्तान विराट कोहली को एक बार फिर से फील्डिंग स्तर को और ज्यादा बढ़ाना है. जिससे भारतीय टीम इस मामले में एक बार फिर से बहुत बेहतर प्रदर्शन करते हुए नजर आयें. जिससे बड़े मैच में भी इसका असर नजर आएगा.