Ravi Shastri
India's head coach Ravi Shastri arrives for a training session at the Sydney Cricket Ground (SCG) on January 6, 2021, ahead of the third cricket Test match against Australia. (Photo by Saeed KHAN / AFP) / --IMAGE RESTRICTED TO EDITORIAL USE - NO COMMERCIAL USE--

टी-20 वर्ल्डकप 2021 (ICC T20 World cup 2021) के समाप्त होते ही भारतीय कोच (Indian Coach) रवि शास्त्री (Ravi Shastri) और उनके सपोर्ट स्टाफ का कार्यकाल भी समाप्त हो जाएगा. बीसीसीआई (BCCI) अब नए कोच के खोज में जुट गयी है. इसके लिए उन्होंने एप्लीकेशन भी जारी कर दी है. भारतीय टीम के कोच बनने के लिए कई सारे दिग्गजों ने अपनी इच्छा व्यक्त की. दरअसल भारतीय टीम के कोच (Indian Coach) की सैलरी लोगों को काफी लुभाती है. खबरों के अनुसार बीसीसीआई ने राहुल द्रविड़ को टीम का कोच बनाने का निर्णय कर लिया है. उन्हें इसके लिए हर साल 10 करोड़ रुपए की सैलरी मिल सकती है.

Indian coach की सैलरी कप्तान से भी ज्यादा

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बतौर कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) को भी 9.5 से 10 करोड़ रुपए के आस-पास सैलरी मिलती है. यह दुनिया में किसी भी क्रिकेट कोच को मिलने वाली सबसे अधिक सैलरी है. सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के तहत कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) को अभी 7 करोड़ रुपए मिलते हैं. यानी कोच की सैलरी कप्तान से भी अधिक है.

शास्त्री के कार्यकाल में टीम इंडिया ने विदेशों में जीत के झंडे गाड़े. टीम ने ऑस्ट्रेलिया में 2 बार टेस्ट सीरीज जीती. इससे पहले कभी भी टीम ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज नहीं जीत सकी थी. पिछले दिनों टीम ने इंग्लैंड में भी सीरीज में 2-1 की बढ़त बनाई. टीम पहले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में भी पहुंची थी. हालांकि शास्त्री के कार्यकाल में टीम एक भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत सकी. इस कारण उन पर सवाल उठते रहे.

25 सालों में बदल गए हालत

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1996-97 में 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम में शामिल रहे मदन लाल टीम इंडिया के कोच रहे. उन्हें हर महीने 5 लाख रुपए दिए जाते थे. इसके बाद 1999-2000 में पूर्व कप्तान कपिल देव (Kapil Dev) भी टीम इंडिया के कोच बने. उन्हें हर मैच के 4 लाख और अतिरिक्त बोनस दिया जाता था. रवि शास्त्री को जब 2017 में करार दिया गया था, तब उन्हें सालाना 8 करोड़ मिलते थे. 2019 में इसमें 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई थी.

016-17 के दौरान पूर्व कप्तान अनिल कुंबले (Anil Kumble) टीम इंडिया के कोच (Indian Coach) रहे. उन्हें सालाना 6 करोड़ रुपए मिलते थे. 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में मिली हार के बाद और कोहली से विवाद के बाद वे हट गए थे.

विदेशी कोच की बात करें तो न्यूजीलैंड के जॉन राइट 2000 से 2005 तक टीम इंडिया के कोच (Indian Coach) रहे. उन्हें सालाना लगभग 1 करोड़ रुपए मिलते थे. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ग्रेग चैपल 2005 से 2007 तक कोच रहे. उन्हें सालाना 1.25 करोड़ रुपए दिए जाते थे. वहीं साउथ अफ्रीका के गैरी कस्टर्न 2008 से 2011 तक टीम के कोच(Indian Coach) रहे. उन्हें लगभग 2.5 करोड़ रुपए सालाना दिए जाते थे. इसके अलावा जिम्बाब्वे के डंकन फ्लेचर भी 2011 से 2015 तक टीम के कोच रहे. उन्हें सालाना 4.2 करोड़ रुपए मिलते थे.