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श्रीलंका में 6 मार्च से होने वाली निदास ट्राई सीरीज के लिए भारतीय टीम का चयन आज हो गया है. भारतीय टीम की ट्राई सीरीज को लेकर चयनकर्ताओं ने कई ऐसे फैसले लिए है जो काफी चौकाने वाले है.

आज इसी के चलते हम आपकों अपने इस खास लेखे में ट्राई सीरीज के लिए चुनी गई पूरी भारतीय टीम भी दिखायेंगे और चयनकर्ताओं द्वारा टीम को चुने जाने पर लिए गये पांच चौकाने वाले फैसलों के बारे में बताएंगे.

इस प्रकार है 15 सदस्यी भारतीय टीम 

आइये डालते है अब एक नजर चयनकर्ताओं द्वारा लिए गए 5 चौकाने वाले फैसलों पर :

रोहित शर्मा को खराब प्रदर्शन के बावजूद भी टीम का क्यों बनाया गया कप्तान?

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सबसे पहले आपकों बता दे, कि रोहित शर्मा का साउथ अफ्रीका दौरें में बहुत खराब फॉर्म रहा था. रोहित शर्मा के लिए साउथ अफ्रीका का दौरा भुलाने वाला रहा था. रोहित शर्मा ने टेस्ट सीरीज के 2 मैचों की 4 पारियों पर 19.50 की साधारण औसत से 78 रन बनाये.

रोहित शर्मा ने 6 वनडे मैचों में 28.33 की औसत के साथ व 82.93 के स्ट्राइक रेट के साथ 170 रन बनाये. रोहित शर्मा ने टी-20 सीरीज में 3 मैच खेले. जिसमे रोहित ने 10.67 की मामूली औसत से व 177.78 के स्ट्राइक रेट से 32 रन बनाये. ऐसे में अब सवाल यह उठता है, कि जिस खिलाड़ी का फॉर्म इतना खराब हो क्या उसे टीम का कप्तान बनाने का फैसला सही है?

 

एक साथ इतने सीनियर खिलाड़ियों को आराम क्यों? 

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भारतीय टीम के चयनकर्ताओं ने निदास ट्राई सीरीज के लिए चुनी गई टीम में कई स्टार अनुभवी खिलाड़ियों को आराम दे दिया है. चयनकर्ताओं ने भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली सहित एम एस धोनी, हार्दिक पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी व स्टार खिलाड़ियों को आराम दे दिया है.

चयनकर्ताओं ने स्टार खिलाड़ियों के स्थान पर दीपक हुड्डा, वाशिंगटन सुंदर, ऋषभ पंत, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद सिराज जैसे युवा खिलाड़ियों को जगह दी है.

ऐसे में अब यह सवाल उठता है कि अगर इतने ज्यादा स्टार खिलाड़ियों को एकसाथ आराम दिया है और ऐसे में अगर भारतीय टीम ट्राई सीरीज में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती है और ट्राई सीरीज हार जाती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?क्या एक साथ सभी स्टार खिलाड़ियों को आराम देना सही है?

आखिर कुलदीप यादव की क्या गलती थी?

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भारतीय टीम के इस चयन के बाद यह भी कहना होगा, कि आखिर भारतीय टीम के चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव की क्या ऐसी गलती थी, जो भारतीय चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम से बाहर का रस्ता दिखा दिया.

कुलदीप यादव ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा 17 विकेट लिए थे. उसके बाद उन्हें टी20 सीरीज में एक भी बार प्लेयिंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया और अब एक बार कुलदीप यादव के साथ पक्षपात हुआ है और उन्हें श्रीलंका में ट्राई सीरीज खेलने जाने वाली टीम में नहीं चुना गया है.

क्या मयंक अग्रवाल की बल्लेबाजी के समय चयनकर्ता बाँध लेते है आँख में पट्टी  

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कर्नाटक के स्टार बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने 2017-18 के रणजी सीजन में 8 मैचों की 13 पारियों में 105.45 के बेहतरीन औसत के साथ 1160 रन बनाये थे. उन्होंने इस रणजी सीजन में 5 शतक व 2 अर्धशतक लगाये. वह इस रणजी सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी थे.

मयंक अग्रवाल वर्तमान में खेले जा रहे विजय हजारे वनडे टूर्नामेंट की पिछली चार पारियों में 81, 140, 89 व 102 रन की पारी खेल चुके है, लेकिन उन्हें अपनी इस शानदार पारियों के बाद भी टीम में जगह नहीं मिल पा रही है, इसलिए यह कहा जा सकता है कि मयंक अग्रवाल की बल्लेबाजी के समय चयनकर्ता आँख में पट्टी बाँध लेते है.

शमी, उमेश यादव जैसे खिलाड़ियों को क्यों किया जा रहा है बार-बार नजरंदाज  

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इसमें कोई शक नही है भारत को आने वाले समय में काफी ज्यादा मैच खेलने है. ऐसे में टीम में एक रोटेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई हैं, लेकिन शमी और उमेश यादव को नजरंदाज कर देने का ये निर्णय भी कुछ समझ में नही आता हैं.

शमी और उमेश यादव पिछले कई समय से टीम में नहीं चुने जा रहे है, वह जब लास्ट बार वेस्टइंडीज के दौरें में गये थे तो दोनों ने ही शानदार गेंदबाजी की थी, लेकिन उसके बाद से भारतीय टीम के चयनकर्ता उन्हें बार-बार नजरंदाज कर रहे है.

 

 

 

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