Rohit Sharma

भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने मानो एकतरफा जीत दर्ज की। इस मैच में भारत के स्पिनरों का बोलबाला दिखा और भारत ने 10 विकेट से जीत हासिल कर ली। इस पिच पर दोनों ही टीमों के बल्लेबाज कुछ खास रन नहीं बना सके जिसके चलते एक बार फिर पिच सवालों के घेरे में आ गई है। मगर मैच खत्म होने के बाद रोहित शर्मा ने साफ कर दिया कि पिच बिल्कुल नॉर्मल ही थी।

ऐसी पिच पर करनी चाहिए रन बनाने की कोशिश

इंग्लैंड टेस्ट सीरीज

भारत के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट में पहली पारी में 66 रन बनाए और दूसरी पारी में तो विस्फोटक अंदाज में 25 रन बनाकर टीम को 10 विकेटों से जीत दिलाई। पिच को लेकर रोहित शर्मा का कहना है कि ऐसी पिच पर आपको जज्बा दिखाने की जरुरत होती है। रोहित ने मैच खत्म होने के बाद कहा,

‘जब आप ऐसी पिच पर खेलते हो तो आपके अंदर जज्बा होना चाहिए और साथ ही आपको रन बनाने की कोशिश भी करनी चाहिए। आप सिर्फ ब्लॉक नहीं कर सकते। जैसा कि आपने देखा कि कोई-कोई गेंद टर्न भी ले रही थी और जब आप टर्न के लिए खेलते तो कोई गेंद स्टंप की ओर स्किड (फिसल) भी रही थी।’

इंग्लैंड के गेंदबाजों से थे दो कदम आगे

भारत के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा का मानना है कि जब पहली पारी में वह 66 रन बनाकर आउट हुए, तब वह इंग्लैंड के गेंदबाजों से दो कदम आगे थे और उनकी मंशा सिर्फ टिकने की नहीं बल्कि रन बनाने की थी। उन्होंने कहा,

‘आपको कभी कभार थोड़ा आगे रहकर रन बनाने के तरीके ढूंढ़ने की कोशिश करने की जरूरत होती है। मेरी इच्छा सिर्फ टिकने की नहीं थी बल्कि रन बनाने की कोशिश करने की भी थी, जिसमें अच्छी गेंदों को सम्मान करना भी शामिल था। बस मैंने इतना ही करने की कोशिश की। हमने पहली पारी में अच्छी बल्लेबाजी नहीं की। सच कहूं, तो पिच नहीं हुई। कुछ भी मत करो।”

चेन्नई की पिच थी अधिक मुश्किल

रोहित शर्मा

रोहित शर्मा का मानना है कि अहमदाबाद की पिच से अधिक मुश्किल पिच चेन्नई में दूसरे टेस्ट मैच में थी। लेकिन वहां टीम इंडिया ने अच्छी बल्लेबाजी की थी। उन्होंने कहा,

“ईमानदारी से कहूं तो पिच ने कुछ भी नहीं किया। अगर मैं याद कर सकता हूं, तो अधिकांश बल्लेबाज स्ट्राइकर डिलीवरी पर आउट हुए। हमने एक बल्लेबाजी इकाई के रूप में भी, बल्लेबाजी करते समय बहुत गलतियां कीं, पिच में कुछ अलग नहीं था, वहां वैसा कुछ भी नहीं था। बल्कि चेन्नई की पिच पर इससे ज्यादा कठिनाईं थी, लेकिन हमने अच्छी बल्लेबाजी करके दिखाई। रविचंद्रन अश्विन ने दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में 100, अजिंक्य रहाणे ने 50, विराट कोहली ने 60 रन बनाए। अगर आप खुद को बनाए रखते हैं, तो रन बना सकते हैं।”