रणजी

हैदराबाद की पुलिस ने एक पूर्व रणजी (Ranji) क्रिकेटर को अपनी गिरफ्त में लिया है, जिसपर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है। इस पूर्व क्रिकेटर ने तेलंगाना के मंत्री के.टी. रामाराव के निजी सचिव होने का नाटक करके कई कंपनियों के साथ ठगी करते हुए 40 लाख रुपये का चूना लगाया है। शख्स का नाम आरोपी बी. नागराजू बताया गया है।

पूर्व Ranji क्रिकेटर ने की ठगी

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भारतीय क्रिकेट का रुतबा इतना बड़ा है कि इससे जुड़े किसी भी क्रिकेटर पर यदि कोई आरोप लगता है तो क्रिकेट प्रेमियों के लिए इसे स्वीकार करना मुश्किल हो जाता है। अब आंध्र प्रदेश को रिप्रेजेंट करने वाले एक पूर्व  Ranji क्रिकेटर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

इस पूर्व रणजी क्रिकेटर की पहचान आरोपी बी.नागराजू के रूप में हुई है, जिसने एमबीए का कोर्स किया है और 2014 से 2016  तक रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट में आंध्र प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया है। ये खिलाड़ी आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले का रहने वाला है।

नौ कार्पोरेट संस्थाओं से इकट्ठा किए लगभग 40 लाख

धोखाधड़ी और ठगी के मामले वक्त के साथ मानो आम होते जा रहे हैं। कभी कोई छोटे स्तर पर ऐसा करता है, तो कभी-कभी बड़े स्तर पर भी बड़ी-बड़ी कंपनियों के साथ ठगी हो जाती है। यहां जिस पूर्व Ranji क्रिकेटर की बात हो रही है, उसने खुद को मंत्री का पीएस बताकर बड़ी-बड़ी कंपनियों को ठगा। अंजनी कुमार ने शनिवार को मीडियाकर्मियों से कहा,

“इस तरह, उन्होंने नौ कॉर्पोरेट संस्थाओं से 39,22,400 रुपये एकत्र किए।”

10 लाख रुपये किए गए जब्त

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पुलिस की दी जानकारी के मुताबिक 25 साल के नागराजू ने अस्पतालों, रिएल्टर्स और शैक्षणिक संस्थानों जैसे कॉरपोरेट संस्थाओं को फोन करके, खुद को बंडारु तिरुपति, तेलंगाना के मंत्री केटी रामाराव (केटीआर), मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव के बेटे के निजी सचिव बताता था।

यह कहते हुए कि केटीआर मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं, आरोपी ने कथित रूप से शपथ ग्रहण समारोह, होर्डिग, प्रिंट और टेलीविजन विज्ञापनों के आयोजन के बहाने कंपन्नियों के साथ धोखाधड़ी की। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के पास से एक सेलफोन और 10 लाख रुपये जब्त किए गए। इस शख्स पर सात पुलिस थानों में नौ मामले दर्ज हैं।