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भारत और इंग्लैंड के बीच खेली चार रही चार टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच को विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने 317 रनों से जीतकर अपने नाम कर लिया है। अब दोनों टीमें सीरीज में 1-1 की बराबरी पर हैं। गेंद व बल्ले दोनों के साथ ही शानदार प्रदर्शन करने के लिए रविचंद्रन अश्विन को मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया।

रविचंद्रन अश्विन को मिला मैन ऑफ द मैच का खिताब

रविचंद्रन अश्विन

भारतीय क्रिकेट टीम के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने टीम को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इक तरफ इंग्लैंड के बल्लेबाजों के सामने अश्विन की स्पिन गेंदबाजी का जवाब नहीं था। तो दूसरी ओर अश्विन ने अपने होम ग्राउंड पर करियर का पांचवां टेस्ट शतक लगाते हुए 106 रनों की कमाल की पारी खेली। मैच में 8 विकेट और 106 रन बनाने के लिए अश्विन को मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया। खिताब जीतने के बाद अश्विन ने चर्चा में बने हुए विकेट के बारे में बात करते हुए कहा,

“ये विकेट पहले मैच के मुकाबले बहुत अलग था। यह एक लाल मिट्टी का विकेट था, पहला क्ले मिट्टी का विकेट था। जितना लोग बाहर से चीजों की भविष्यवाणी कर रहे थे, मुझे लगा कि जो गेंदें ज्यादा हरकत कर रही थीं, उन्हें विकेट नहीं मिल रहे थे। यह बल्लेबाजों के माइंडसेट से हमें विकेट मिल रहे थे। मैं यहां सालों से खेल रहा हूं और इसे करने के लिए स्पीड और मार्गदर्शन चाहिए था। मंशा रखना बहुत जरूरी था।”

गेंदबाजों पर दबाव बनाना जरुरी

रविचंद्रन अश्विन ने अपनी बैटिंग स्ट्रैटजी के बारे में बात करते हुए कहा,

“गेंदबाजों पर दबाव बनाना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर आप उन्हें उनके हिसाब से गेंदबाजी करने की छूट देते हैं, तो यह उनके लिए आसान हो जाता है। मैं सिर्फ इसे अपने ऊपर लेना चाहता था, और पहली गेंद से जुड़ने के बाद, मुझे पता था कि मुझे इस विकेट पर अच्छी रफ्तार मिल रही है।”

विक्रम राठौर को दिया बल्लेबाजी का श्रेय

रविचंद्रन अश्विन

रविचंद्रन अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया में अपनी बल्लेबाजी से सभी को हैरान किया था और अब भारतीय सरजमीं पर खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में तो उन्होंने अपने घरेलू मैदान पर शतक लगा दिया। अश्विन ने 148 गेंदों पर 106 रनों की कमाल की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 14 चौके व 1 छक्का भी लगाया। अश्विन ने अपनी बल्लेबाजी के लिए विक्रम राठौर को श्रेय देते हुए कहा,

“मैं उन खिलाड़ियों में से हूं जो कठिन प्रयास करते हैं और जब चीजें मेरे ट्रैक पर नहीं जाती हैं, तो मैं और कठिन प्रयास करता हूं। विक्रम राठौर का बहुत सहयोग रहा है। उन्होंने मेरी बल्लेबाजी को तकनीकी रूप से बदलने में सोचने में मेरी मदद की।अजिंक्य ने मुझे यह बताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई कि मैं पारी को फिनिश कर सकता हूं।”