भारत अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र ऐतिहासिक टेस्ट मैच को हल्के में नहीं लेना चाहता. भारत यह बात भली भांति समझता है कि अफगानिस्तान के पास वर्ल्ड क्लास युवा स्पिनर हैं. भले ही उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट का ज्यादा अनुभव न हो लेकिन उसकी काबिलियत पर शक नहीं किया जा सकता. भारतीय बल्लेबाज अभी से इस तैयारी में जुट गए हैं कि कैसे अफगानी स्पिनरों से पार पाना है. इसके लिए ने नेट पैट अलग तरीके से भारतीय बल्लेबाज अभ्यास भी कर रहे हैं.

अभी अफगानिस्तान ने अपने स्पिनरों के ही दम पर बांग्‍लादेश को तीन मैचों की टी-20 सीरीज धूल चटा दी. अफगानिस्‍तान ने 3-0 से क्लीन स्वीप कर इतिहास रच दिया. ऐसे में भारत कतई रिस्क लेना नहीं चाहेगा. या फिर अफगानिस्तान को कोई उलटफेर करने का मौका बिल्कुल नहीं देगा. खास कर राशिद ने जिस तेज़ी से नाम कमाया है वह एक मैच जिताऊ खिलाड़ी है. इस सीरीज में राशिद ने आठ विकेट निकाल बांग्‍लादेश के बल्‍लेबाजी क्रम की कमर तोड़ने हुए मैन ऑफ द सीरीज का ख़िताब अपने नाम किया. बता दें, अफगानिस्‍तान को अब 14 जून से भारत के खिलाफ अपना डेब्‍यू टेस्‍ट मैच खेलना है विराट कोहली की गैर मौजूदगी में भारतीय टीम उपकप्‍तान अजिंक्‍य रहाणे के नेतृत्‍व में मैदान पर उतरेगी.
इस मैच से पहले भारतीय टीम भी अफगानिस्‍तान को हल्‍के में नहीं ले रहा है. भारतीय टीम को कलाई के गेंदबाजों के सामने अभ्‍यास कराने के लिए युजवेंद्र चहल और शिविल कौशिक को भेजा गया है. दोनों खिलाड़ी मैच में टीम का हिस्‍सा नहीं होंगे.

ईएसपीएन क्रिक इनफो की रिपोर्ट्स के मुताबिक ये दोनों कलाई के स्पिन गेंदबाज इस वक्‍त नेट्स में भारतीय टीम को प्रैक्टिस करावा रहे हैं. युजवेंद्र चहल की गेंदबाजी का जलवा हम बीते दिनों दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका निदहास ट्राफी के दौरान देख चुके हैं. वहीं, शिविल को डोमेस्टिक सर्किट में चाइनामेन गेंदबाज के तौर पर लोग पहचानते हैं. भारतीय टीम मैनेजमेंट को ये डर सता रहा है कि अफगानिस्‍तान की स्पिन गेंदबाजी के आगे भारतीय बल्‍लेबाज घुटने टेक सकते हैं. जिसके कारण टीम के बल्‍लेबाजों को स्पिन गेंदबाजी के सामने मजबूत किया जा रहा है.